UP ATS का खुलासा: साकिब ने खड़ा किया था ‘टेलीग्राम’ पर आतंकियों का जाल, दुबई से हैंडल हो रहा था यूपी-दिल्ली का नेटवर्क
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UP ATS का खुलासा: साकिब ने खड़ा किया था ‘टेलीग्राम’ पर आतंकियों का जाल, दुबई से हैंडल हो रहा था यूपी-दिल्ली का नेटवर्क
लखनऊ/नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) द्वारा गिरफ्तार किए गए चार संदिग्ध आतंकियों की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि मुख्य संदिग्ध साकिब केवल एक प्यादा नहीं था, बल्कि वह अपने स्तर पर एक समानांतर आतंकी नेटवर्क तैयार कर रहा था। मोबाइल डेटा और पूछताछ से संकेत मिले हैं कि साकिब का निशाना केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि दिल्ली, हरियाणा और मुंबई जैसे महानगर भी थे।
टेलीग्राम पर ‘डिजिटल जिहाद’: एक दर्जन से अधिक ग्रुप
पूछताछ में यह बात पुख्ता हुई है कि साकिब ने टेलीग्राम पर एक दर्जन से अधिक गुप्त ग्रुप बनाए थे। इन ग्रुपों का इस्तेमाल ‘कट्टरपंथ’ (Radicalization) फैलाने के लिए किया जा रहा था।भड़काऊ कंटेंट: ग्रुप में देश विरोधी वीडियो, प्रतिबंधित साहित्य और भड़काऊ पोस्ट साझा किए जाते थे।नेटवर्क का विस्तार: इन ग्रुपों में केवल यूपी ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों के सैकड़ों युवा जुड़े हुए थे। साकिब का मुख्य उद्देश्य कम से कम समय में अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर बड़ी आतंकी घटनाओं को अंजाम देना था।
दुबई कनेक्शन: आकिब और साकिब की जुगलबंदी
जांच एजेंसियों को साकिब के मोबाइल से विदेशी संपर्कों के पुख्ता सबूत मिले हैं। खुलासा हुआ है कि दुबई में बैठे आकिब ने ही साकिब का संपर्क अंतरराष्ट्रीय आतंकी हैंडलर्स से कराया था। आकिब ही वह कड़ी है जो भारत में बैठे इन संदिग्धों को निर्देश और लॉजिस्टिक सपोर्ट दिलाने में मदद कर रहा था।
पंजाब के असलहा तस्करों से सीधे संपर्क
साकिब केवल डिजिटल प्रोपेगेंडा तक सीमित नहीं था। वह जमीन पर हमले की तैयारी (Ground Execution) में जुटा था।हथियारों की डील: साकिब पंजाब के कई बड़े असलहा तस्करों के निरंतर संपर्क में था। वह बड़े पैमाने पर हथियारों की खेप खरीदने वाला था।फायरिंग की प्रैक्टिस: सूत्रों के मुताबिक, साकिब खुद फायरिंग की प्रैक्टिस भी करता था, जिसका उसने पूछताछ में कबूलनामा भी किया है। जांच एजेंसियां अब उन तस्करों का ब्योरा जुटा रही हैं जो आकिब और साकिब के नेटवर्क को हथियार सप्लाई करने वाले थे।
मोबाइल में मिले खौफनाक वीडियो: पहलगाम और दिल्ली ब्लास्ट का जिक्र
आरोपियों के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में पहलगाम आतंकी हमले और दिल्ली ब्लास्ट के कई वीडियो मिले हैं। इन वीडियो का उपयोग नए रंगरूटों का ब्रेनवाश करने के लिए किया जा रहा था। एटीएस को अंदेशा है कि यह ग्रुप किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के बेहद करीब था।
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एजेंसी की अगली कार्रवाई
फिलहाल एटीएस और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियां साकिब के टेलीग्राम ग्रुप में जुड़े उन सैकड़ों लोगों की पहचान कर रही हैं। दिल्ली, हरियाणा और मुंबई में साकिब के संभावित ‘स्लीपर सेल्स’ को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। असलहा तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पंजाब पुलिस के साथ भी इनपुट साझा किए गए हैं।
