UP Madarsa syllabus मदरसा शिक्षा में ‘योगी मॉडल’: 2016 की नियमावली में बड़े बदलाव की तैयारी, अब बिना खेल के मैदान और 5 कमरों के नहीं मिलेगी मान्यता
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UP मदरसा शिक्षा में ‘योगी मॉडल’: 2016 की नियमावली में बड़े बदलाव की तैयारी, अब बिना खेल के मैदान और 5 कमरों के नहीं मिलेगी मान्यता अखिलेश का एक और कानून बदलेगी योगी सरकार
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य की मदरसा शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने और इसे आधुनिक मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। समाजवादी पार्टी के शासनकाल में बनी ‘उत्तर प्रदेश मदरसा नियमावली 2016’ में व्यापक संशोधनों की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य मदरसा शिक्षा को केवल धार्मिक शिक्षा तक सीमित न रखकर उसे रोजगारपरक और पारदर्शी बनाना है।
निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण की अध्यक्षता में गठित समिति की संस्तुतियों के आधार पर अब मदरसा नियमावली का नया ड्राफ्ट तैयार किया गया है, जो जल्द ही कैबिनेट की मुहर के बाद लागू हो जाएगा।
मान्यता के मानक होंगे सख्त: अब ‘स्पेस’ जरूरी
नए नियमों के तहत अब किसी भी मदरसे को मान्यता तभी मिलेगी जब उसके पास बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर होगा।न्यूनतम मानक: मदरसे के पास कम से कम 5 कमरे, एक ऑफिस और छात्रों के लिए खेल का मैदान होना अनिवार्य कर दिया गया है।निगरानी: बिना इन मानकों को पूरा किए संचालित हो रहे मदरसों की निगरानी प्रणाली को और सख्त बनाया जाएगा ताकि शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता न हो।
शिक्षक भर्ती और योग्यता के नए नियम
कामिल और फाजिल पाठ्यक्रमों के बंद होने के बाद अब शिक्षकों की भर्ती की योग्यता को भी नए सिरे से निर्धारित किया जा रहा है।विषयवार चयन: कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 तक के शिक्षकों के लिए उनकी विषयवार योग्यता (Subject-wise Eligibility) को चिन्हित किया जाएगा।ब्रिज कोर्स और ट्रेनिंग: मदरसा शिक्षकों को आधुनिक विषयों से जोड़ने के लिए ‘ब्रिज कोर्स’ कराया जाएगा। साथ ही, शिक्षकों को एनसीईआरटी (NCERT) के अनुरूप प्रशिक्षण दिलाने का प्रावधान भी नई नियमावली में किया जा रहा है।शिक्षक-छात्र अनुपात: अब मदरसों में शिक्षकों का समायोजन और स्थानांतरण (Transfer) छात्र-संख्या के अनुपात (PTR) के आधार पर होगा।
पाठ्यक्रम में बदलाव: दीनी तालीम के साथ डिजिटल शिक्षा
योगी सरकार का लक्ष्य मदरसा छात्रों के ‘एक हाथ में कुरान और दूसरे में लैपटॉप’ के विजन को धरातल पर उतारना है।NCERT का विस्तार: मदरसा बोर्ड कक्षा 9 से 12 तक के लिए पाठ्यक्रम का पुनर्निर्धारण करेगा। इसमें धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ गणित, विज्ञान और सामाजिक विषयों को मजबूती से लागू किया जाएगा।व्यावसायिक शिक्षा: शिक्षा को रोजगार से जोड़ने के लिए मदरसों में व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Training) को अनिवार्य रूप से जोड़ा जाएगा, ताकि यहां से निकलने वाले छात्र तकनीकी रूप से भी सक्षम हों।
