Trump-Iran Ceasefire: मिडिल ईस्ट में मचे कोहराम पर लगा ‘ब्रेक’, ट्रंप और अरागची के बीच 2 हफ्ते के संघर्ष विराम पर बनी सहमति
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Trump-Iran Ceasefire: मिडिल ईस्ट में मचे कोहराम पर लगा ‘ब्रेक’, ट्रंप और अरागची के बीच 2 हफ्ते के संघर्ष विराम पर बनी सहमति
न्यूज डेस्क | वॉशिंगटन/तेहरान
पश्चिम एशिया (West Asia) में पिछले 40 दिनों से जारी भीषण रक्तपात और विनाश के बीच एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया को राहत की सांस लेने पर मजबूर कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान के साथ दो सप्ताह (14 दिन) के द्विपक्षीय युद्धविराम (Dual-sided Ceasefire) की घोषणा कर दी है। यह समझौता उस वक्त हुआ जब दुनिया एक विनाशकारी परमाणु युद्ध की कगार पर खड़ी नजर आ रही थी।
Headline Highlights: Trump’s Masterstroke on Global Stage
इस ऐतिहासिक समझौते की सबसे बड़ी बात यह है कि ईरान ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के माध्यम से सुरक्षित मार्ग देने पर सहमति जताई है, बशर्ते इस दौरान हमले पूरी तरह से रुके रहें। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ और ‘Truth Social’ पर इस समझौते की पुष्टि करते हुए इसे वैश्विक शांति की दिशा में एक “बड़ा कदम” बताया है।
कयामत की रात से शांति की सुबह तक: एक नाटकीय मोड़
महज कुछ घंटों पहले तक स्थिति इसके बिल्कुल उलट थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर वह नहीं रुका, तो अमेरिका उस पर ऐसा हमला करेगा जो “पूरी सभ्यता को खत्म” कर सकता है। ट्रंप ने आज की रात को ‘कयामत की रात’ (Night of Reckoning) करार दिया था। हालांकि, कूटनीतिक गलियारों में हुई हलचल ने पूरी तस्वीर बदल दी।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची (Abbas Araghchi) और अमेरिकी प्रशासन के बीच चली मैराथन बातचीत के बाद ट्रंप ने घोषणा की कि अगले दो हफ्तों तक बमबारी रोक दी जाएगी।

पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका
इस अंतरराष्ट्रीय समझौते के पीछे पाकिस्तान (Pakistan) का किरदार भी काफी चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस भीषण युद्ध को रुकवाने और ट्रंप प्रशासन व ईरान के बीच बातचीत की मेज सजाने में पाकिस्तान ने ‘बैक-चैनल’ कूटनीति का सहारा लिया। विनाश को रोकने के लिए पाकिस्तान की इस भूमिका की अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा सराहना की जा रही है।

Strait of Hormuz: वैश्विक व्यापार के लिए खुला रास्ता
युद्धविराम की सबसे महत्वपूर्ण शर्तों में से एक ‘स्टेट ऑफ होर्मुज’ का खुलना है। ईरान इस सामरिक रूप से महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोलने पर सहमत हो गया है।Safe Passage: दो हफ्तों के लिए जहाजों को बिना किसी हमले के डर के निकलने दिया जाएगा।Global Impact: इससे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जश्न में डूबा ईरान: सड़कों पर निकले लोग
सीजफायर की खबर फैलते ही ईरान के विभिन्न शहरों से जश्न की तस्वीरें सामने आने लगी हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि ईरान के नागरिक भारी संख्या में अपने घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर उतर आए हैं। महीनों के डर और बमबारी के साये में जीने के बाद, दो हफ्ते की शांति भी वहां के लोगों के लिए किसी बड़ी जीत से कम नहीं है।
