Tax Evasion Case Kadir Rana: पूर्व सांसद कादिर राणा की मुश्किलें बढ़ीं, 26 करोड़ की टैक्स चोरी मामले में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई
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Tax Evasion Case Kadir Rana: पूर्व सांसद कादिर राणा की मुश्किलें बढ़ीं, 26 करोड़ की टैक्स चोरी मामले में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के दिग्गज नेता और पूर्व सांसद कादिर राणा के खिलाफ चल रहे 26 करोड़ रुपये के टैक्स चोरी मामले में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट की अहम सुनवाई होनी है। कादिर राणा ने अपने खिलाफ चल रही ‘Criminal Proceedings’ (आपराधिक कार्यवाही) को रद्द करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जस्टिस की बेंच आज इस ‘High Profile’ याचिका पर विचार करेगी, जिससे राणा के राजनीतिक और व्यापारिक भविष्य पर बड़ा असर पड़ सकता है।
क्या है पूरा मामला? (The Background)
मामले की जड़ें दिसंबर 2024 में मुजफ्फरनगर में दर्ज हुई एक एफआईआर से जुड़ी हैं। आरोप है कि राणा स्टील फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर ‘Tax Evasion’ (कर चोरी) का खेल चल रहा था। शुरुआती जांच में यह पाया गया कि फैक्ट्री के दस्तावेजों में हेराफेरी कर 26 करोड़ रुपये से अधिक के टैक्स की चोरी की गई है। इस मामले में पुलिस और संबंधित विभागों ने मुजफ्फरनगर में कादिर राणा के बेटे शाह मोहम्मद और अन्य करीबियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
बेटे की गिरफ्तारी और ‘Conspiracy’ का आरोप
जांच का दायरा बढ़ते ही इस मामले में नया मोड़ तब आया जब पूर्व सांसद कादिर राणा को भी आरोपी बनाया गया। पुलिसिया जांच के अनुसार, कादिर राणा इस पूरी टैक्स चोरी की घटना में ‘Main Conspirator’ (मुख्य साजिशकर्ता) के रूप में सामने आए हैं।बेटे की भूमिका: पूर्व सांसद के बेटे शाह मोहम्मद को इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वह काफी समय जेल में बिताने के बाद फिलहाल जमानत (Bail) पर बाहर है।साजिश का आरोप: जांच एजेंसियों का दावा है कि फैक्ट्री के प्रबंधन और टैक्स चोरी के मास्टरप्लान में कादिर राणा की सक्रिय भूमिका रही है, जिसे आधार बनाकर उन्हें आरोपी बनाया गया है।
हाईकोर्ट में कादिर राणा की दलील
कादिर राणा ने हाईकोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में खुद को पूरी तरह ‘Innocent’ (निर्दोष) बताया है। उनके वकीलों की ओर से तर्क दिया गया है कि राजनीतिक द्वेष के चलते उन्हें इस मामले में घसीटा जा रहा है और उनके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं। याचिका में मांग की गई है कि निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए और दर्ज मुकदमे को ‘Quash’ (रद्द) किया जाए।
आज की सुनवाई पर टिकी नजरें
इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज होने वाली इस सुनवाई में सरकारी पक्ष और कादिर राणा के अधिवक्ताओं के बीच तीखी बहस होने की उम्मीद है। सरकारी वकील जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और ‘Documentary Evidence’ को कोर्ट के सामने रख सकते हैं ताकि याचिका का विरोध किया जा सके।
प्रयागराज की कानूनी गलियारों में इस मामले को लेकर काफी चर्चा है, क्योंकि कादिर राणा एक बड़े राजनीतिक रसूख वाले व्यक्ति हैं। यदि आज कोर्ट से उन्हें राहत नहीं मिलती है, तो उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या कादिर राणा को गिरफ्तारी या अन्य दंडात्मक कार्यवाही से संरक्षण मिलता है, यह आज की कार्यवाही के बाद स्पष्ट हो जाएगा।
