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Rahul Gandhi Citizenship Case today hearing : इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में अहम सुनवाई आज ‘Dual Nationality’ case 

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Rahul Gandhi Citizenship Case today hearing : इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में अहम सुनवाई आज ‘Dual Nationality’ case 

लखनऊ: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर छिड़ा कानूनी विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में आज, 17 अप्रैल 2026 को इस संवेदनशील मामले की सुनवाई निर्धारित है। यह याचिका कर्नाटक के सामाजिक कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दाखिल की गई है, जिसमें राहुल गांधी की ‘Alleged’ ब्रिटिश नागरिकता की जांच की मांग की गई है।

क्या है पूरा विवाद? (The Core Dispute)

​यह पूरा मामला राहुल गांधी द्वारा ब्रिटेन में पंजीकृत एक कंपनी ‘BackOps Limited‘ से जुड़ा है। याचिकाकर्ता का दावा है कि इस कंपनी के वार्षिक रिटर्न (Annual Returns) में राहुल गांधी को एक ‘British Citizen’ के रूप में दर्शाया गया था। याचिका में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने भारतीय संविधान के नियमों का उल्लंघन करते हुए विदेशी नागरिकता हासिल की, जिसके कारण उनकी भारतीय नागरिकता और संसद सदस्यता (Membership of Parliament) रद्द होनी चाहिए।

निचली अदालत के फैसले को चुनौती

​याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने इससे पहले लखनऊ की विशेष MP-MLA Court में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी। हालांकि, 28 जनवरी 2024 को विशेष अदालत ने इस अर्जी को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि नागरिकता का निर्धारण करना उसके अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) में नहीं आता। इसी आदेश को अब हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में चुनौती दी गई है।

पिछली सुनवाई और कोर्ट का रुख

​पिछली सुनवाई के दौरान, न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे ‘In-Chamber’ (बंद कमरे में) सुना था। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया था कि गृह मंत्रालय (MHA) इस मामले में ब्रिटेन सरकार से पत्राचार कर रहा है।​Confidential Records: केंद्र सरकार ने नागरिकता से जुड़े कुछ गोपनीय दस्तावेज भी कोर्ट के समक्ष पेश किए थे।Supplementary Affidavit: पिछली तारीख पर याचिकाकर्ता ने कुछ नए सबूत पेश करने के लिए समय मांगा था, जिसके बाद कोर्ट ने आज की तारीख (17 अप्रैल) तय की थी।

राजनीतिक गलियारों में हलचल (Political Impact)

​राष्ट्रीय स्तर पर इस ‘High Profile’ मामले के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी इस पूरी याचिका को राजनीति से प्रेरित और ‘Malicious’ बता रही है, जबकि याचिकाकर्ता का तर्क है कि यह देश की सुरक्षा और संवैधानिक मर्यादा से जुड़ा मुद्दा है।

आज की सुनवाई में क्या होगा खास?

​आज की सुनवाई में याचिकाकर्ता अपना Supplementary Affidavit (पूरक शपथ पत्र) दाखिल कर सकते हैं। कोर्ट इस बात पर विचार करेगा कि क्या इस याचिका को ‘Maintainable’ (सुनवाई योग्य) मानकर आगे विस्तृत जांच के आदेश दिए जाएं या नहीं। यदि कोर्ट FIR दर्ज करने का आदेश देता है, तो यह राहुल गांधी के लिए एक बड़ी ‘Legal Challenge’ साबित हो सकता है।

फिलहाल, सबकी निगाहें जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ पर टिकी हैं। क्या राहुल गांधी को इस मामले में ‘Clean Chit’ मिलेगी या फिर उनकी नागरिकता पर उठ रहे सवाल एक नई जांच की दिशा में मुड़ेंगे, इसका फैसला आज की कार्यवाही पर निर्भर करेगा।

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