पीएम मोदी पर खरगे के ‘विवादित बयान’ से राजनीतिक भूचाल, सीएम धामी और पीयूष गोयल ने मोर्चा खोला
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पीएम मोदी पर खरगे के ‘विवादित बयान’ से राजनीतिक भूचाल, सीएम धामी और पीयूष गोयल ने मोर्चा खोला
नई दिल्ली/देहरादून: भारतीय राजनीति में मर्यादा और शिष्टाचार की बहस एक बार फिर चरम पर है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ में दिए गए कथित विवादित बयान ने देशभर में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। भाजपा ने इसे कांग्रेस की सोची-समझी साजिश करार देते हुए राहुल गांधी और खरगे से देश से माफी मांगने की मांग की है।
मर्यादा की अनदेखी कांग्रेस की शैली: सीएम पुष्कर सिंह धामी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाना अक्षम्य है। सीएम धामी ने कहा, “मर्यादा की अनदेखी करना कांग्रेस की पुरानी शैली रही है। जिस तरह की भाषा का प्रयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए किया गया है, उससे कांग्रेस का असली चेहरा उजागर हो गया है। कांग्रेस पार्टी को अपनी इस जहरीली जुबान के लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।”
धामी ने आगे जोड़ा कि कांग्रेस लगातार देश के विकास के प्रतीक और जन-नायक का अपमान कर रही है, जिसे 140 करोड़ भारतीय कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
संबित पात्रा का प्रहार: “राहुल गांधी के इशारे पर हो रहा अपमान”
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने दिल्ली में प्रेस वार्ता के दौरान खरगे के बयान को ‘जमानती बिजली’ वाली साजिश करार दिया। पात्रा ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यह केवल खरगे के शब्द नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे राहुल गांधी की सोच है। पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कहने पर ही मल्लिकार्जुन खरगे इस तरह के जहरीले बयान दे रहे हैं। उन्होंने इसे एक “पटकथा” बताया जिसका उद्देश्य प्रधानमंत्री की छवि को धूमिल करना है, लेकिन जनता इस साजिश को समझ चुकी है।
पीयूष गोयल ने मांगा इस्तीफा
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री का अपमान करना दरअसल 140 करोड़ भारतीयों का अपमान है। उन्होंने कहा, “खरगे जी पर राहुल गांधी का गहरा असर है। कांग्रेस की यह प्रवृत्ति बन गई है कि वह संवैधानिक पदों की गरिमा को धूल-धूसरित करे। खरगे और राहुल गांधी को न केवल माफी मांगनी चाहिए, बल्कि देश को यह बताना चाहिए कि वे बार-बार इस तरह की राजनीति क्यों करते हैं।” गोयल ने चेतावनी दी कि भारत की जनता इस अपमान का बदला लोकतांत्रिक तरीके से लेगी और कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
कांग्रेस की ‘जहरीली जुबान’ पर बढ़ता आक्रोश
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चुनाव और राजनीतिक दबाव के बीच कांग्रेस अपनी भाषा पर नियंत्रण खोती जा रही है। भाजपा नेताओं का मानना है कि प्रधानमंत्री को अपशब्दों से संबोधित करना कांग्रेस की हताशा का प्रतीक है। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड की देवभूमि हो या भारत का कोई भी कोना, लोग अपने प्रधानमंत्री के प्रति इस तरह की अभद्र टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
फिलहाल, इस पूरे प्रकरण ने देश का सियासी तापमान बढ़ा दिया है। भाजपा ने इसे एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया है, जबकि कांग्रेस अब इस पर सफाई देने की मुद्रा में है। देखना यह होगा कि क्या कांग्रेस नेतृत्व इस पर सार्वजनिक रूप से खेद प्रकट करता है या यह जुबानी जंग और तेज होगी।
ब्यूरो रिपोर्ट, नेशनल न्यूज डेस्क
