पीएम मोदी का विपक्ष पर हमला :महिला आरक्षण की कांग्रेस ने की भ्रूण हत्या टीएमसी डीएमके और सपा पर बोला तीखा हमला
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पीएम मोदी का विपक्ष पर हमला :महिला आरक्षण की कांग्रेस ने की भ्रूण हत्या टीएमसी डीएमके और सपा पर बोला तीखा हमला
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के नाम एक बेहद भावनात्मक और आक्रामक संबोधन दिया। महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्षी दलों के पुराने रवैये पर कड़ा प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री ने कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इन दलों ने न केवल एक बड़ा अपराध किया है, बल्कि देश की नारी शक्ति के खिलाफ एक “संवैधानिक अपराध” किया है।
“भ्रूण हत्या” और “परजीवी” जैसे कड़े शब्दों का प्रयोग
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने दशकों तक महिला आरक्षण बिल की ‘भ्रूण हत्या’ की है। उन्होंने कहा, “जिस तरह से संसद में मेजें थपथपाई गईं और हुड़दंग मचाकर इस बिल को रोका गया, उससे कांग्रेस का असली चेहरा उजागर हो गया है। देश की बहनें और बेटियां इस अपमान को कभी नहीं भूलेंगी और न ही उन्हें माफ करेंगी।”
कांग्रेस पर तीखा हमला जारी रखते हुए पीएम ने उसे एक “परजीवी पार्टी” करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस खुद तो कमजोर हो चुकी है, अब वह क्षेत्रीय दलों के सहारे टिकने की कोशिश कर रही है, लेकिन अफसोस यह है कि वह उन क्षेत्रीय दलों को भी पनपने नहीं देती।
सुधार विरोधी चेहरा: “डिजिटल इंडिया से लेकर GST तक हर चीज़ का विरोध”
पीएम मोदी ने कांग्रेस को “एंटी-रिफॉर्म” (सुधार विरोधी) पार्टी बताते हुए एक लंबी सूची पेश की। उन्होंने कहा कि जब भी देश को मजबूत करने की बात आती है, कांग्रेस विरोध की तख्ती लेकर खड़ी हो जाती है।प्रमुख मुद्दे: पीएम ने याद दिलाया कि कांग्रेस ने डिजिटल इंडिया, GST, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के आरक्षण, और धारा 370 को हटाने का विरोध किया।राष्ट्रीय सुरक्षा: उन्होंने घुसपैठियों को बाहर निकालने, नक्सलवाद को समाप्त करने और यहाँ तक कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ जैसे सुधारों पर कांग्रेस के अडंगे का भी जिक्र किया।
सिंधु जल समझौता और “लटकाना-भटकाना” की नीति
प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय और पुराने जटिल मुद्दों को उठाते हुए कहा कि कांग्रेस की नीति हमेशा “लटकाना, भड़काना और अटकना” रही है। उन्होंने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते और कई अन्य राष्ट्रीय महत्व के कानूनों का उदाहरण देते हुए कहा कि जो काम आजादी के तुरंत बाद हो जाने चाहिए थे, उन्हें दशकों तक केवल राजनीतिक स्वार्थ के लिए लटका कर रखा गया।
समाजवादी पार्टी पर निशाना: “महिला विरोधी रुख अख्तियार किया”
उत्तर प्रदेश की राजनीति का जिक्र करते हुए पीएम ने समाजवादी पार्टी पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा और कांग्रेस “एक ही सिक्के के दो पहलू” हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में सपा ने हमेशा महिला विरोधी रुख अपनाया है, जिससे राज्य की महिलाओं का राजनीतिक सशक्तिकरण नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि अगर इन क्षेत्रीय दलों ने चाहा होता, तो आज संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या कहीं अधिक होती।
भावुक अपील: “क्रेडिट का मोह नहीं, हमें नारी शक्ति का संकल्प चाहिए”
संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “संसद में मैंने स्पष्ट किया था कि यह क्रेडिट लेने का विषय नहीं है। अगर विपक्षी दल चाहते तो हम विज्ञापनों में उनकी फोटो छापकर उन्हें क्रेडिट दे देते, लेकिन कम से कम इस बिल को पास तो होने देते।”
उन्होंने स्वीकार किया कि अतीत में पूर्ण बहुमत (संख्या बल) की कमी के कारण यह बिल रुकता रहा, जिससे उन्हें व्यक्तिगत रूप से बहुत दुख पहुँचा है। हालांकि, उन्होंने दृढ़ संकल्प जताते हुए कहा:”देश की बहन-बेटियां निराश न हों। हमारा हौसला बुलंद है और अडिग है। भाजपा और एनडीए इस मिशन में पीछे नहीं हटेंगे। वक्त आएगा, हम कामयाब होंगे और महिलाओं को उनका अधिकार दिलाकर रहेंगे।”
प्रधानमंत्री का यह संबोधन आने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है, जहाँ उन्होंने महिला सशक्तिकरण को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताया है।
