यूपी पीएम मोदी 29 अप्रैल को करेंगे ‘गंगा एक्सप्रेस-वे’ का उद्घाटन, 12 जिलों को जोड़ेगा express way
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यूपी पीएम मोदी 29 अप्रैल को करेंगे ‘गंगा एक्सप्रेस-वे’ का उद्घाटन, 12 जिलों को जोड़ेगा express way
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास की रफ्तार को नई उड़ान देने के लिए 29 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान राज्य को ‘गंगा एक्सप्रेस-वे’ की बड़ी सौगात देंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में होने वाले इस भव्य उद्घाटन समारोह को लेकर तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं।
594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे न केवल पश्चिमी यूपी को पूर्वी यूपी से जोड़ेगा, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों का नया केंद्र भी बनेगा।
सुरक्षा का ‘एडीजी’ प्लान: 12 जिलों के 52 थानों पर जिम्मेदारी
उद्घाटन कार्यक्रम की संवेदनशीलता और एक्सप्रेस-वे की विशालता को देखते हुए एडीजी (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने विस्तृत सुरक्षा गाइडलाइन जारी की है। एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा का जिम्मा 12 जिलों के 52 थानों को सौंपा गया है।
इन जिलों के कप्तानों को मिले निर्देश:
सुरक्षा घेरे को मजबूत करने के लिए मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज के पुलिस प्रमुखों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।यातायात पर पाबंदी: उद्घाटन से 3 दिन पहले तक एक्सप्रेस-वे पर आम यातायात पूरी तरह से बंद रहेगा ताकि सुरक्षा और तकनीकी जांच पूरी की जा सके।यूपी-112 का समन्वय: पुलिस रिस्पांस व्हीकल्स (PRV) के रूट में एक्सप्रेस-वे को शामिल किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध हो सके।टोल प्लाजा पर पहरा: टोल प्लाजा पर रोटेशन के आधार पर यूपी पुलिस की तैनाती होगी।
VIP मूवमेंट और सुगम यात्रा के विशेष इंतजाम
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया है।पेट्रोलिंग: सीओ (क्षेत्राधिकारी) और थाना प्रभारियों को नियमित पेट्रोलिंग के निर्देश दिए गए हैं ताकि मार्ग पूरी तरह अवरोध मुक्त रहे।आपातकालीन सेवाएं: हाई टेंडर और एंबुलेंस की तैनाती के साथ-साथ VIP मूवमेंट के लिए एक सुरक्षित कॉरिडोर तैयार किया गया है।
आर्थिक क्रांति का मार्ग: 12 जनपदों का होगा कायाकल्प
गंगा एक्सप्रेस-वे केवल सड़क नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के लिए ‘ग्रोथ इंजन’ साबित होगा। यह एक्सप्रेस-वे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाएगा।समय की बचत: 12 बड़े शहरों के बीच की दूरी घटने से समय और ईंधन की भारी बचत होगी।रोजगार के अवसर: मार्ग के किनारे औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक पार्क विकसित होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।किसानों को लाभ: स्थानीय मंडियों तक पहुंच आसान होगी, जिससे कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार मिल सकेगा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। उनका विजन है कि उत्तर प्रदेश को ‘एक्सप्रेस-वे प्रदेश’ के रूप में स्थापित किया जाए, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर बनाने के लक्ष्य में मदद मिले।
29 अप्रैल को होने वाला यह उद्घाटन यूपी के विकास की नई इबारत लिखेगा। गंगा एक्सप्रेस-वे के चालू होने से न केवल आम जनमानस को सहूलियत होगी, बल्कि यह उत्तर प्रदेश को देश के सबसे आधुनिक कनेक्टिविटी वाले राज्यों की श्रेणी में सबसे आगे खड़ा कर देगा।
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