लखनऊ: काठमांडू जा रहे तीन अंतरराष्ट्रीय विमानों की लखनऊ में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
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लखनऊ: काठमांडू जा रहे तीन अंतरराष्ट्रीय विमानों की लखनऊ में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का अमौसी एयरपोर्ट (चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा) बीती रात पड़ोसी देश नेपाल जाने वाले सैकड़ों यात्रियों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बन गया। नेपाल में अचानक बिगड़े मौसम और दृश्यता (Visibility) कम होने के कारण काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने वाले तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय विमानों को आनन-फानन में लखनऊ डायवर्ट करना पड़ा।
खराब मौसम की वजह से आसमान में घंटों चक्कर काटने के बाद, सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पायलटों ने एटीसी (ATC) से अनुमति लेकर विमानों को लखनऊ की ओर मोड़ दिया।
देर रात लखनऊ एयरपोर्ट पर बढ़ी हलचल
हवाई अड्डा सूत्रों के अनुसार, यह पूरी घटना देर रात 10:00 बजे से 11:30 बजे के बीच की है। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों और काठमांडू घाटी में मौसम इस कदर खराब था कि विमानों की लैंडिंग संभव नहीं थी। ऐसे में लखनऊ एयरपोर्ट को ‘अल्टरनेट बेस’ के रूप में इस्तेमाल किया गया।
इन तीन फ्लाइट्स का हुआ डायवर्जन:बैंकॉक-काठमांडू (TG 319): थाई एयरवेज का यह विमान बैंकॉक से काठमांडू की उड़ान पर था। इसमें 134 यात्री और 7 क्रू मेंबर सवार थे।शारजाह-काठमांडू (G9 530): एयर अरेबिया का यह विमान शारजाह से नेपाल जा रहा था। इसमें 173 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की सांसें तब तक अटकी रहीं जब तक विमान लखनऊ में सुरक्षित लैंड नहीं कर गया।हांगकांग-काठमांडू (CX 603): कैथे पैसिफिक की इस विशालकाय फ्लाइट में सबसे ज्यादा 311 यात्री और 7 क्रू मेंबर सवार थे।
यात्रियों में रहा डर का माहौल, एयरपोर्ट प्रशासन ने संभाला मोर्चा
जब पायलटों ने विमान को डायवर्ट करने की घोषणा की, तो यात्रियों में थोड़ी घबराहट जरूर देखी गई। हालांकि, लखनऊ एयरपोर्ट अथॉरिटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी यात्रियों के लिए जरूरी इंतजाम किए। विमानों के रनवे पर उतरने के बाद सुरक्षा जांच और तकनीकी औपचारिकताओं को पूरा किया गया। विमानों में कुल मिलाकर 600 से अधिक यात्री सवार थे, जिन्हें मौसम साफ होने तक विमान के भीतर और कुछ को ट्रांजिट एरिया में इंतजार करना पड़ा।
मौसम साफ होते ही नेपाल के लिए भरी उड़ान
नेपाल के मौसम विभाग और काठमांडू एटीसी से हरी झंडी मिलने के बाद, जब वहां दृश्यता सामान्य हुई, तो लखनऊ में खड़े इन विमानों ने राहत की सांस ली। तड़के और सुबह के वक्त एक-एक कर तीनों अंतरराष्ट्रीय विमानों ने लखनऊ से काठमांडू के लिए दोबारा उड़ान भरी। काठमांडू पहुंचने पर यात्रियों ने सुरक्षित लैंडिंग के लिए ईश्वर और पायलटों का आभार व्यक्त किया।
लखनऊ एयरपोर्ट: अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए महत्वपूर्ण विकल्प
यह पहली बार नहीं है जब नेपाल या दिल्ली जाने वाली फ्लाइट्स को लखनऊ डायवर्ट किया गया हो। अपनी आधुनिक सुविधाओं और बड़े रनवे के कारण लखनऊ एयरपोर्ट उत्तर भारत और पड़ोसी देशों की हवाई सेवाओं के लिए एक लाइफलाइन की तरह काम करता है।विशेषज्ञों की राय: पहाड़ी इलाकों में प्री-मानसून गतिविधियों के कारण अचानक मौसम बदलना सामान्य है, लेकिन ऐसे समय में डायवर्जन का निर्णय लेना विमान की सुरक्षा के लिए सबसे सटीक कदम होता है।
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