हेमकुंड साहिब यात्रा 2026: आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प, जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश
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हेमकुंड साहिब यात्रा 2026: आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प, जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश
चमोली। विश्व प्रसिद्ध सिख तीर्थ स्थल श्री हेमकुंड साहिब की वार्षिक यात्रा 2026 को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। शनिवार को जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। इस बार प्रशासन का मुख्य फोकस न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा पर है, बल्कि हिमालयी पारिस्थितिकी (Ecology) को बचाने के लिए पर्यावरण संरक्षण और NGT (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के मानकों के कड़ाई से पालन पर भी है।
23 मई को खुलेंगे कपाट: प्रशासन की चाक-चौबंद तैयारी
उल्लेखनीय है कि 23 मई 2026 को श्री हेमकुंड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यात्रा शुरू होने में अब एक महीने से भी कम का समय शेष है, ऐसे में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों और स्टेकहोल्डर्स को समयबद्ध तरीके से व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यात्रा को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पर्यावरण मानकों पर कड़ाई: कूड़ा जलाया तो होगी सख्त कार्रवाई
हिमालय की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय निम्नलिखित हैं:वेस्ट मैनेजमेंट: इको डेवलपमेंट कमेटी को निर्देश दिए गए कि यात्रा मार्ग पर खच्चरों की लीद और प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाए।सख्त चेतावनी: कूड़ा या प्लास्टिक जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि यदि कोई प्लास्टिक जलाते हुए पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।जागरूकता अभियान: जिला पंचायत को यात्रा मार्ग पर “क्या करें और क्या न करें” (Do’s and Don’ts) से संबंधित साइन बोर्ड और पंपलेट लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रद्धालुओं और बेजुबानों की सुविधा का ख्याल
यात्रा मार्ग दुर्गम होने के कारण जिला प्रशासन ने बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया है:वाटर एटीएम: जल संस्थान को निर्देश दिए गए हैं कि श्रद्धालुओं और पशुओं के लिए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने हेतु यात्रा मार्ग पर आधुनिक वाटर एटीएम लगाए जाएं, जिससे गर्म पानी की सुविधा भी मिल सके।पशु कल्याण: पशुपालन विभाग को घोड़े-खच्चरों के लिए नियमित स्वास्थ्य कैंप, दवाओं की उपलब्धता और समय-समय पर मेडिकल चेकअप सुनिश्चित करने को कहा गया है।शेल्टर निर्माण: घांघरिया में घोड़े-खच्चरों के लिए बड़े शेल्टर बनाने हेतु जिला पंचायत और वन विभाग को संयुक्त निरीक्षण कर जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
कलेक्ट्रेट में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, परियोजना निदेशक आनंद सिंह भकुनी, इको डेवलपमेंट कमेटी के अध्यक्ष प्रवेंद्र सिंह चौहान और जल संस्थान के अधिशासी अभियंता राहुल राय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी को निर्देश दिए कि विकास कार्य ‘पर्यावरण के अनुकूल’ (Eco-friendly) होने चाहिए ताकि आस्था और प्रकृति के बीच संतुलन बना रहे।
हेमकुंड साहिब यात्रा 2026 के लिए चमोली जिला प्रशासन का यह ‘ग्रीन विजन’ सराहनीय है। प्लास्टिक मुक्त यात्रा और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जिलाधिकारी गौरव कुमार की गंभीरता यह संकेत देती है कि इस वर्ष की यात्रा न केवल आध्यात्मिक होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से एक मिसाल पेश करेगी।
ब्यूरो रिपोर्ट: सोहन सिंह संवाददाता: साउथ एशिया 24×7, चमोली। (चमोली की हर अपडेट के लिए बने रहिए हमारे साथ)
