नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन: सजग इंडिया ने दिया नशामुक्ति और फिटनेस का संदेश
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नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन: सजग इंडिया ने दिया नशामुक्ति और फिटनेस का संदेश
सोहन सिंह चमोली
उत्तराखंड की खूबसूरत और सीमांत नीति घाटी हाल ही में खेल, सेहत और एक बड़े सामाजिक संदेश की गवाह बनी। यहाँ आयोजित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ में नशामुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रही प्रसिद्ध संस्था “सजग इंडिया” ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। संस्था ने इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के मंच का उपयोग युवाओं और समाज को “नशे को ना, फिटनेस को हाँ” का संकल्प दिलाने के लिए किया। 31 मई से 2 जून तक चले इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की गर्त से निकालकर देश सेवा और फिटनेस की ओर मोड़ना था।
28 राज्यों के 1200 खिलाड़ी बने ब्रांड एम्बेसडर
राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के सदस्य और सजग इंडिया के अध्यक्ष एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने इस अवसर पर एक बेहद महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने इस दौड़ में भाग लेने आए देश के 28 राज्यों के लगभग 1200 धावकों को ‘सजग इंडिया’ का ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया। ललित जोशी ने कहा कि ये खिलाड़ी केवल धावक नहीं हैं, बल्कि ‘ड्रग फ्री इंडिया’ (नशामुक्त भारत) के सिपाही हैं। उन्होंने सभी एथलीटों से आह्वान किया कि वे जब अपने-अपने राज्यों में लौटें, तो वहाँ के युवाओं को नशामुक्ति, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूक करें।“खेल और फिटनेस आधारित ऐसे आयोजन युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के साथ-साथ नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
— एडवोकेट ललित मोहन जोशी, अध्यक्ष (सजग इंडिया)
प्रतियोगिता का रोमांच और विभिन्न श्रेणियां
उत्तराखंड पर्यटन विभाग, भारतीय सेना, आईटीबीपी (ITBP), जिला प्रशासन और सजग इंडिया के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस अल्ट्रा रन में देश-विदेश के 1000 से अधिक प्रतिभागियों ने अपनी ताकत और सहनशीलता का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता को कई कठिन और रोमांचक श्रेणियों में बांटा गया था: 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन: पहले दिन रिमखिम-नीति-मलारी मार्ग पर इस सबसे कठिन दौड़ का आयोजन हुआ, जिसमें 117 जांबाज धावकों ने हिस्सा लिया। 42 किलोमीटर मैराथन: मलारी-नीति-मलारी के बीच हुई इस फुल मैराथन में 118 धावकों ने दम दिखाया।21, 10 और 5 किलोमीटर रन: दूसरे दिन आयोजित इन स्पर्धाओं में स्थानीय लोगों और युवाओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।30 किलोमीटर एमटीबी (MTB) चैलेंज: समापन के अवसर पर गमसाली से मलारी के बीच माउंटेन टेरेन बाइकिंग (साइक्लिंग) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जो बेहद रोमांचक रहा।
सीमांत गांवों में जन-जागरूकता और संवाद
दौड़ के साथ-साथ सजग इंडिया की टीम ने धरातल पर उतरकर भी काम किया। संस्था के सदस्यों ने सीमांत क्षेत्र के गांवों जैसे—नीति, गमसाली, बम्पा, मलारी और आसपास के करीब 8 गांवों का दौरा किया। टीम ने स्थानीय ग्रामीणों, महिलाओं और विशेषकर युवाओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्हें डिप्रेशन, एंग्जायटी जैसे मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों, शारीरिक फिटनेस के महत्व और नशे के घातक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। संस्था पिछले 15 वर्षों से उत्तराखंड में लगातार नशे के खिलाफ महाभियान चला रही है।
दिग्गजों की उपस्थिति ने बढ़ाया उत्साह
इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए शासन, प्रशासन और सेना के कई बड़े अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, गृह सचिव शैलेश बगोली, पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, और जिला पूर्ति अधिकारी अंकित पांडेय शामिल हुए।
इसके साथ ही भारतीय सेना के कर्नल शांतनु, देश के जाने-माने रेडियो जॉकी आर जे काव्य, आईटीबीपी के अधिकारी-जवान और सजग इंडिया टीम के प्रमुख सदस्य जैसे अभिषेक राणा, नंदनी कुमोला, योगेश चिराल, विवेक, मानसी रावत और सुहानी काला सहित भारी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
यह आयोजन नीति घाटी की सुदूर वादियों में न केवल पर्यटन और खेल को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित हुआ, बल्कि इसने पूरे देश को नशामुक्त और सेहतमंद बनने का एक मजबूत संदेश भी दिया।
