विपक्ष के ‘अड़ंगों’ पर भारी पड़ेगा नारी शक्ति का आक्रोश: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने भरी हुंकार
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विपक्ष के ‘अड़ंगों’ पर भारी पड़ेगा नारी शक्ति का आक्रोश: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने भरी हुंकार
देहरादून, 27 अप्रैल। उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने आज विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोला। देहरादून स्थित विधानसभा सभागार में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाएं अब अपने अधिकारों के लिए सजग हैं और आरक्षण की राह में बाधा बनने वाले दलों को ‘आधी आबादी’ आने वाले समय में कड़ा सबक सिखाएगी।
“महिलाएं लेकर रहेंगी अपना अधिकार”
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि महिलाओं को सदन में भागीदारी देने के लिए केंद्र की मोदी सरकार पूरी तरह गंभीर है, लेकिन विपक्ष इसे पचा नहीं पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और राजद जैसे दलों ने महिला आरक्षण विधेयक को पारित होने से रोकने के लिए हर संभव बहानेबाजी की। रेखा आर्या ने दो टूक शब्दों में कहा, “आरक्षण महिलाओं का संवैधानिक अधिकार है और वे इसे लेकर रहेंगी। विपक्षी दलों ने सदन में इस बिल का विरोध कर अपनी महिला विरोधी मानसिकता का परिचय दिया है।”
कल निकलेगी ‘आक्रोश मशाल रैली’
विपक्ष के रवैये के खिलाफ प्रदेश की महिलाओं के गुस्से को स्वर देने के लिए 28 अप्रैल को देहरादून में एक विशाल ‘आक्रोश मशाल रैली’ का आयोजन किया जा रहा है।नारी शक्ति का प्रदर्शन: रेखा आर्या ने बताया कि इस रैली में प्रदेश भर की महिलाएं जुटेंगी और यह रैली विपक्ष की ‘ऐतिहासिक गलती’ के खिलाफ एक शंखनाद होगी।भाजपा का संकल्प: उन्होंने दोहराया कि भाजपा लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने के अपने संकल्प पर अडिग है। आज नहीं तो कल, इस ऐतिहासिक सुधार का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को ही जाएगा।
परिवारवाद पर तीखा प्रहार
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए रेखा आर्या ने विपक्षी दलों की आंतरिक राजनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे ‘परिवारवादी’ दलों में एक विशेष परिवार की महिलाओं को तो अघोषित आरक्षण प्राप्त है, लेकिन जब बात आम घर की महिला को सशक्त बनाने की आती है, तो यही दल रोड़ा बन जाते हैं।”विपक्ष केवल अपने परिवार की महिलाओं के उत्थान में दिलचस्पी रखता है, जबकि भाजपा आम महिला को नीति-निर्धारण की मुख्यधारा में लाना चाहती है।”
राजनीतिक रूप से सजग हुई ‘आधी आबादी’
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि वर्तमान दौर में महिलाएं न केवल शिक्षित हैं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद सजग हो चुकी हैं। उन्हें पता है कि कौन उनके हित में काम कर रहा है और कौन केवल राजनीति। उन्होंने चेतावनी दी कि महिलाओं को उनके हक से वंचित करने की सजा जनता और नारी शक्ति आगामी चुनावों में जरूर देगी।
देहरादून में होने वाली कल की मशाल रैली उत्तराखंड की राजनीति में एक बड़ा संदेश देने जा रही है। रेखा आर्या के इस कड़े रुख ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले दिनों में महिला आरक्षण का मुद्दा केवल संसद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह सड़कों पर भी एक बड़े आंदोलन का रूप लेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार में महिला हितों की पैरोकार रेखा आर्या ने आज विपक्ष के खिलाफ जो मोर्चा खोला है, उसने प्रदेश की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है।
