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चमोली: गंगा की निर्मलता के लिए प्रशासन सख्त, मुख्य विकास अधिकारी ने दिए कड़े निर्देश

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चमोली: गंगा की निर्मलता के लिए प्रशासन सख्त, मुख्य विकास अधिकारी ने दिए कड़े निर्देश

​सोहन सिंह चमोली, 27 अप्रैल 2026 (सूचना विभाग)

​पवित्र नदियों की स्वच्छता और उनके अस्तित्व को अक्षुण्ण बनाए रखने के संकल्प के साथ, जनपद चमोली में गंगा संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) डॉ. अभिषेक त्रिपाठी की अध्यक्षता में ‘जिला गंगा संरक्षण समिति’ की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में नदियों के संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण नियमों के कड़ाई से पालन पर विस्तृत चर्चा की गई।

एसटीपी (STP) के संचालन में कोताही बर्दाश्त नहीं

​बैठक की शुरुआत करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि गंगा और उसकी सहायक नदियों में किसी भी दशा में अनुपचारित (गंदा) पानी नहीं गिरना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि:​सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का संचालन सुचारु और निरंतर सुनिश्चित किया जाए।प्लांट से निकलने वाला उपचारित जल अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए।​नियमित अंतराल पर जल की गुणवत्ता की जांच की जाए ताकि पारिस्थितिकी तंत्र को कोई क्षति न पहुंचे।

​डॉ. त्रिपाठी ने ‘नमामि गंगे’ के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ संयुक्त निरीक्षण करें और समय-समय पर रैंडम सैंपलिंग लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

कूड़ा प्रबंधन और सख्त कार्रवाई के निर्देश

​नदियों के तटीय क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए मुख्य विकास अधिकारी ने नगर निकायों के प्रति कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने नगर पालिका और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:​डोर-टू-डोर कलेक्शन: कूड़ा एकत्रीकरण की व्यवस्था को शत-प्रतिशत प्रभावी बनाया जाए।​चालान की कार्रवाई: जो व्यावसायिक संस्थान या प्रतिष्ठान सार्वजनिक स्थलों या नदियों के किनारे कूड़ा फैला रहे हैं, उन पर भारी जुर्माना लगाते हुए सख्त कार्रवाई की जाए।अनिवार्य रिपोर्टिंग: सभी नगर निकायों को हर महीने कूड़ा कलेक्शन और अपनी प्रगति रिपोर्ट समिति के समक्ष अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करनी होगी।

नमामि गंगे: निगरानी का आधुनिक स्वरूप (04M)

​बैठक के दौरान जिला परियोजना अधिकारी, नमामि गंगे गोविंद बुटोला ने समिति की प्रगति का विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में गठन के बाद से समिति अब तक 77 बैठकें कर चुकी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की यह पहली महत्वपूर्ण बैठक है।

​उन्होंने जानकारी दी कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (नई दिल्ली) के दिशा-निर्देशों के तहत चमोली में ’04M’ (Monthly, Mandated, Monitored, Minutes meeting) फार्मूले पर काम किया जा रहा है। बैठक की हर छोटी-बड़ी कार्रवाई और निर्णय को G.D.P.M.S. पोर्टल पर रियल-टाइम अपडेट किया जा रहा है, जिससे कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे।

प्रमुख उपस्थिति

​बैठक में पर्यावरण और विकास से जुड़े जनपद के आला अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से डीएफओ सर्वेश कुमार दुबे, जिला परियोजना अधिकारी गोविंद बुटोला, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी तथा सभी नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी शामिल थे।

​आज की यह बैठक केवल एक औपचारिक चर्चा नहीं, बल्कि चमोली की जीवनरेखा मानी जाने वाली नदियों को ‘नमामि गंगे’ अभियान के तहत पुनर्जीवित और स्वच्छ रखने का एक रोडमैप है। प्रशासन के इन सख्त तेवरों से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में स्वच्छता मानकों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी गाज गिरनी तय है।

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