South Asia 24×7 का मतलब पक्की खबर, देश और जहान की ताजातरीन खबरें,पत्रकारिता की नई आधारशिला, निष्पक्षता और पारदर्शिता अब, South Asia 24×7 पर खबर ग्राउंड जीरो से, मंझे हुए संवाददाताओं के साथ,हर जन मुद्दे पर, सीधा सवाल सरकार से ,सिर्फ South Asia 24 ×7 पर,पत्रकारिता की मजबूती के लिए जुड़िए हमारे साथ, South Asia 24×7 के यूट्यूब चैनल,फेसबुक और ट्विटर पर क्योंकि हम करते है बात मुद्दे की

South Asia24x7

Hindi News, Breaking News in Hindi, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi,South Asia24x7

गढ़वाल हिमालय में गूँजेगी जाँबाज़ी की गूँज: भारतीय सेना करेगी ‘सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0’ का भव्य आयोजन

1 min read

गढ़वाल हिमालय में गूँजेगी जाँबाज़ी की गूँज: भारतीय सेना करेगी ‘सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0’ का भव्य आयोजन

चमोली/रुद्रप्रयाग, 15 अप्रैल 2026: उत्तराखंड की देवभूमि एक बार फिर साहस, स्फूर्ति और अटूट जज्बे की गवाह बनने जा रही है। भारतीय सेना द्वारा आगामी 16 से 20 अप्रैल 2026 तक गढ़वाल हिमालय की दुर्गम चोटियों और पवित्र रास्तों पर ‘सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0’ का आयोजन किया जा रहा है। यह 113 किलोमीटर लंबा ‘एंड्योरेंस चैलेंज’ (धीरज आधारित प्रतियोगिता) न केवल शारीरिक क्षमता की परीक्षा लेगा, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को एक नई पहचान भी देगा।

बद्री-केदार ट्रेल: आस्था और एडवेंचर का संगम

​यह महा-आयोजन चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक ‘बद्री-केदार ट्रेल’ मार्ग पर आयोजित किया जाएगा। इस 113 किमी की चुनौतीपूर्ण यात्रा में प्रतिभागी पंच-केदार के तीन प्रमुख धामों— कल्पेश्वर, रुद्रनाथ और तुंगनाथ के दर्शन करते हुए आगे बढ़ेंगे। प्रकृति की गोद में स्थित यह मार्ग अपनी कठिन चढ़ाइयों और लुभावनी सुंदरताओं के लिए जाना जाता है, जो प्रतिभागियों के साहस को हर कदम पर परखने का काम करेगा।

आयोजन का उद्देश्य: विरासत, विकास और वाइब्रेंट विलेज

​भारतीय सेना का यह अभियान केवल एक खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है। इसके पीछे दूरगामी लक्ष्य छिपे हैं:​विरासत संरक्षण: प्राचीन ट्रेकिंग मार्गों और धार्मिक स्थलों के प्रति युवाओं में जागरूकता बढ़ाना।​पर्यटन को बढ़ावा: उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाना।​वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम: केंद्र सरकार की इस पहल के तहत सीमावर्ती गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना और वहां बुनियादी ढाँचे के विकास को प्रोत्साहित करना।

प्रतिभागियों का विवरण और पुरस्कार राशि

​इस चुनौती में कुल 300 जाँबाज़ हिस्सा लेंगे, जिन्हें दो मुख्य श्रेणियों में बाँटा गया है:​नागरिक श्रेणी: 200 पुरुष और महिला प्रतिभागी (जो देश के विभिन्न हिस्सों से शामिल होंगे)।​सेवा कर्मी श्रेणी: सेना और सुरक्षा बलों के 100 चुनिंदा जवान।

​प्रतियोगिता को और अधिक रोमांचक बनाने के लिए विभिन्न आयु वर्गों के विजेताओं के लिए 14 लाख रुपये से अधिक की कुल पुरस्कार राशि रखी गई है।

तीन चरणों में होगी अग्निपरीक्षा

​यह प्रतियोगिता तीन दिनों के कठिन चरणों में विभाजित की गई है, जिससे प्रतिभागियों को हिमालयी जलवायु और ऊँचाई के साथ सामंजस्य बिठाने का मौका मिले:

राष्ट्र निर्माण के प्रति सेना का संकल्प

​सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0 का आयोजन भारतीय सेना की राष्ट्र निर्माण और नागरिक-सैन्य संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी कड़ी है। सेना न केवल सीमाओं की रक्षा करती है, बल्कि इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से देश के युवाओं में अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और साहसिक खेलों के प्रति रुचि जगाने का प्रयास भी करती है।

​इस आयोजन को लेकर स्थानीय जनता और साहसिक खेलों के शौकीनों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। 16 अप्रैल से शुरू होने वाले इस सफर का समापन उखीमठ में होगा, जहाँ विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।

सोहन सिंह रिपोर्ट: चमोली

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!