IAS रिंकू सिंह राही का ‘इस्तीफा’ यू-टर्न: फिल्म और सियासत की अटकलों पर लगा विराम, आखिर क्यों बदला फैसला?
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IAS रिंकू सिंह राही का ‘इस्तीफा’ यू-टर्न: फिल्म और सियासत की अटकलों पर लगा विराम, आखिर क्यों बदला फैसला?
लखनऊ: उत्तर प्रदेश कैडर के सबसे चर्चित और ईमानदार छवि वाले आईएएस (IAS) अधिकारियों में शुमार रिंकू सिंह राही ने एक बार फिर सबको चौंका दिया है। सूत्रों के अनुसार, राही ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। कुछ समय पहले जब उन्होंने सरकारी सेवा से त्यागपत्र दिया था, तब प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया था। अब इस्तीफे की वापसी ने उन तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है जिसमें उनके राजनीति या फिल्म जगत में जाने की चर्चाएं जोरों पर थीं।
कौन हैं रिंकू सिंह राही? (बैच और परिचय)
रिंकू सिंह राही 2007 बैच के प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) के अधिकारी थे, जिन्हें बाद में पदोन्नत कर IAS कैडर दिया गया। वे वर्तमान में उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण विभाग में निदेशक (Director) के महत्वपूर्ण पद पर तैनात थे। राही की पहचान एक ऐसे अधिकारी की है जिन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ते हुए अपनी जान की बाजी लगा दी थी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई और वो ‘जानलेवा’ हमला
रिंकू सिंह राही के इस्तीफे और उनके संघर्ष को समझने के लिए 2009 की उस घटना को याद करना जरूरी है, जिसने उन्हें देश भर में सुर्खियों में ला दिया था। मुजफ्फरनगर में तैनाती के दौरान उन्होंने 80 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले का पर्दाफाश किया था। इस कार्रवाई से बौखलाए भू-माफिया और भ्रष्टाचारियों ने उन पर जानलेवा हमला किया।
उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं, जिसमें उनकी एक आंख की रोशनी चली गई और चेहरे का एक हिस्सा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। इस हमले के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और व्यवस्था के भीतर रहकर सुधार की कोशिश करते रहे।
इस्तीफा क्यों दिया और कहां थे राही?
कुछ महीने पहले रिंकू सिंह राही ने अचानक इस्तीफा देकर सबको हैरान कर दिया था। इसके पीछे की मुख्य वजह मानसिक तनाव और सिस्टम से निराशा बताई जा रही थी। इस्तीफे के बाद वह अपनी आपबीती और संघर्षों को दुनिया के सामने लाने के लिए फिल्म और वेब सीरीज के निर्माण में जुट गए थे।
हाल ही में उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे काफी भावुक नजर आ रहे थे। चर्चा थी कि वे प्रशासनिक सेवाओं के ‘प्रोटोकॉल’ और राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण काफी दबाव (Stress) महसूस कर रहे थे। इस्तीफे के दौरान उन्होंने अपना समय लेखन और फिल्म इंडस्ट्री के लोगों के साथ बिताया, जहाँ वे भ्रष्टाचार पर आधारित एक बड़ी मूवी की तैयारी कर रहे थे।
इस्तीफा वापसी की वजह और प्रशासनिक हलचल
उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक हलकों में यह खबर आग की तरह फैली है कि राही अब वापस लौट रहे हैं। इसके पीछे कई संभावित कारण माने जा रहे हैं:शासन का हस्तक्षेप: कहा जा रहा है कि शासन के उच्च स्तर से उन्हें मनाया गया है और उनकी ईमानदारी को देखते हुए उन्हें काम करने के लिए बेहतर माहौल का भरोसा दिया गया है।अधूरी लड़ाई: राही को शायद यह महसूस हुआ कि सिस्टम से बाहर निकलकर लड़ने के बजाय, भीतर रहकर गरीबों और पिछड़ों के लिए काम करना अधिक प्रभावी है।सियासी अटकलें: उनके राजनीति में जाने की चर्चाएं भी तेज थीं, लेकिन सरकारी सेवा में वापसी ने यह साफ कर दिया है कि वे फिलहाल किसी राजनीतिक दल का हिस्सा नहीं बनने जा रहे हैं।
क्या बदलेगी कार्यशैली?
रिंकू सिंह राही की वापसी समाज कल्याण विभाग के लिए एक बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि एक ईमानदार अधिकारी का सिस्टम में वापस आना भ्रष्टाचार पर नकेल कसने में मदद करेगा। हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वापसी के बाद उन्हें फिर से वही स्वतंत्रता मिलेगी जिसकी मांग वे अपने वीडियो और बयानों में करते रहे हैं।
फिलहाल, रिंकू सिंह राही का यह फैसला उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण है जो मानते हैं कि ईमानदारी की राह कठिन जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं।
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