यूपी में मौसम का ‘ट्रिपल अटैक’: लखनऊ समेत 42 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, सीएम योगी ने दिए राहत के निर्देश
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यूपी में मौसम का ‘ट्रिपल अटैक’: लखनऊ समेत 42 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, सीएम योगी ने दिए राहत के निर्देश
लखनऊ | 05 मई 2026
संवाददाता: संदीप कुमार
उत्तर प्रदेश में मौसम के मिजाज ने एक बार फिर करवट बदली है। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आज सुबह से ही तेज हवाओं और झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने इसे ‘ट्रिपल अटैक’ करार दिया है, जिसमें आंधी, बारिश और ओलावृष्टि एक साथ देखने को मिल रही है। मई की शुरुआत में हो रही इस बेमौसम बरसात ने जहां एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
इन जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ और ओलावृष्टि की चेतावनी
मौसम विभाग ने प्रदेश के 20 से अधिक जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहाँ गरज-चमक के साथ भारी ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। प्रभावित होने वाले प्रमुख जिलों में शामिल हैं:बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर और प्रतापगढ़।सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर और गाजीपुर।आजमगढ़, मऊ, बलिया, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या और अंबेडकर नगर।
इन क्षेत्रों के निवासियों को सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या जर्जर इमारतों के नीचे शरण न लें।
70 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी झोंकेदार हवाएं
मौसम के बिगड़े तेवर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विभाग ने कई इलाकों में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (Squall) चलने की आशंका जताई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर और श्रावस्ती जैसे जिलों में धूल भरी आंधी और तूफान जनजीवन को प्रभावित कर सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए सख्त निर्देश
मौसम की इस मार को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन-प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का संज्ञान लेते हुए सभी जिलाधिकारियों (DMs) को तत्काल मुआवजा वितरण सुनिश्चित करने को कहा है।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश:सर्वेक्षण में तेजी: राजस्व और कृषि विभाग की टीमें तत्काल खेतों का दौरा कर नुकसान का सटीक आकलन करें।पारदर्शिता और संवेदनशीलता: मुआवजा वितरण में किसी भी तरह की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।सहायता राशि: दैवीय आपदा के कारण हुए जान-माल के नुकसान या पशु हानि के मामलों में 24 घंटे के भीतर राहत पहुंचाई जाए।बीमा कंपनियों से समन्वय: फसल बीमा योजना का लाभ किसानों को समय पर दिलाने के लिए कंपनियों से प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए।
तापमान में भारी गिरावट, गर्मी से राहत
लगातार हो रही बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण उत्तर प्रदेश के अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। लखनऊ में आज सुबह का न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रहा, जिससे मौसम खुशनुमा बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण आगामी 10 मई तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी-पानी का यह सिलसिला रुक-रुक कर जारी रह सकता है।
राजधानी लखनऊ में जिला प्रशासन ने भी बिजली विभाग और नगर निगम को अलर्ट पर रखा है ताकि जलभराव या बिजली कटौती जैसी समस्याओं से तत्काल निपटा जा सके। जनता से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचें।
