जबलपुर के बरगी डैम में पर्यटकों से भरी नाव पलटी, 4 शव बरामद; प्रशासन की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल
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जबलपुर के बरगी डैम में पर्यटकों से भरी नाव पलटी, 4 शव बरामद; प्रशासन की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल
जबलपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल बरगी डैम से आज एक बेहद दुखद और विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ पर्यटकों से भरी एक नाव नर्मदा नदी के अथाह जल में समा गई। इस भीषण हादसे में अब तक 4 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। जिला प्रशासन, पुलिस और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें मौके पर मौजूद हैं और युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
कुदरत का कहर या सिस्टम की लापरवाही?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त नाव में क्षमता से अधिक, लगभग 30 पर्यटक सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक मौसम ने करवट ली और नर्मदा नदी में हवा की रफ्तार काफी तेज हो गई। तेज हवाओं के कारण नदी में ऊंची और शक्तिशाली लहरें उठने लगीं। कुदरत के इस रौद्र रूप के सामने पर्यटकों से लदी नाव अपना संतुलन खो बैठी और देखते ही देखते गहरे पानी में पलट गई।
चीख-पुकार के बीच, कुछ साहसी लोगों ने तैरकर अपनी जान बचाई और किनारे की ओर सुरक्षित पहुँच गए। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हुआ और अब तक 15 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। घायलों को तत्काल नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया है।
सुरक्षा मानकों की उड़ी धज्जियां: उठ रहे हैं कड़े सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब मौसम विभाग और स्थानीय परिस्थितियों से यह स्पष्ट था कि हवाएं तेज हैं और नदी में लहरें उठ रही हैं, तो इतनी बड़ी संख्या में पर्यटकों को नाव ले जाने की अनुमति किसने दी?
हादसे के प्रमुख पहलू जिन पर सवाल उठ रहे हैं:अनुमति का आधार: खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद नाव को बीच नदी में जाने की परमिशन कैसे मिली?सुरक्षा उपकरणों का अभाव: क्या पर्यटकों के पास लाइफ जैकेट और अन्य आपातकालीन सुरक्षा उपकरण मौजूद थे?क्षमता से अधिक भार: प्रारंभिक सूचना के अनुसार, क्या नाव में क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे?
पर्यटकों की सुरक्षा के लिहाज से वहां पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए गए थे, यह अब जांच का सबसे बड़ा विषय है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी NDRF और प्रशासन
हादसे की खबर मिलते ही एनडीआरएफ (NDRF) की टीम और स्थानीय जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुँच गए। गोताखोरों की मदद से लापता लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस प्रशासन लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहा है ताकि पानी में लापता अन्य लोगों का सुराग मिल सके। बरामद किए गए 4 शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने लिया संज्ञान
इस बड़ी त्रासदी पर मध्य प्रदेश सरकार पूरी तरह गंभीर है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) इस घटनाक्रम की पल-पल की अपडेट ले रहा है। मुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बचाव कार्य में कोई कमी न छोड़ी जाए। साथ ही, हादसे के कारणों की उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी दिए जा रहे हैं ताकि दोषी और लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सके।
पर्यटन और जोखिम का गर्मियों का सीजन
गौरतलब है कि गर्मियों के सीजन में बरगी डैम में वोटिंग के लिए भारी संख्या में पर्यटक उमड़ते हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी न केवल प्रशासन की नाकामी को दर्शाती है, बल्कि कई मासूम जिंदगियों को दांव पर लगा देती है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और वे लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल, बरगी डैम के किनारे गम और सन्नाटे का माहौल है। परिजनों की आंखें अपने अपनों की तलाश में टकटकी लगाए बैठी हैं, जबकि लहरों के बीच जिंदगी और मौत की जंग अभी भी जारी है।
रिपोर्ट: ब्यूरो डेस्क, जबलपुर।
