UP PGT परीक्षा 2022: 624 पदों के लिए 4.64 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा, अभेद्य सुरक्षा घेरे में 9-10 मई को होगी परीक्षा
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UP PGT परीक्षा 2022: 624 पदों के लिए 4.64 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा, अभेद्य सुरक्षा घेरे में 9-10 मई को होगी परीक्षा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए परीक्षा की घड़ी नजदीक आ गई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने वर्ष 2022 से लंबित ‘प्रवक्ता संवर्ग’ (PGT) भर्ती परीक्षा की तारीखों का ऐलान कर दिया है। यह परीक्षा आगामी 9 और 10 मई को प्रदेश के 17 चिन्हित जिलों में आयोजित की जाएगी। सरकार और प्रशासन ने इस ‘महापरीक्षा’ को शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।
एक पद पर 744 दावेदार: मुकाबले की तपिश
इस भर्ती परीक्षा के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। आंकड़ों के मुताबिक, प्रवक्ता के कुल 624 पदों के लिए प्रदेश भर से 4,64,605 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि एक-एक पद के लिए तकरीबन 744 उम्मीदवार मैदान में हैं। यह प्रतिस्पर्धा न केवल अभ्यर्थियों की विषय विशेषज्ञता की परीक्षा लेगी, बल्कि उनके धैर्य और मानसिक दृढ़ता को भी कसौटी पर रखेगी। 2022 से रुकी हुई इस भर्ती के कारण अभ्यर्थियों में भारी उत्साह के साथ-साथ तनाव भी देखा जा रहा है।
परीक्षा केंद्रों का जाल और प्रशासनिक मुस्तैदी
परीक्षा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रदेश भर में कुल 319 परीक्षा केंद्र (कुछ रिपोर्टों के अनुसार 329 तक संभावित) बनाए गए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि केंद्र निर्धारण में पारदर्शिता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है। 17 जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था में रत्ती भर भी चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तीसरी आंख की निगरानी और कड़ा सुरक्षा घेरा
सरकार ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है:सीसीटीवी और लाइव मॉनिटरिंग: प्रत्येक परीक्षा केंद्र के हर कमरे में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जाएगी।धारा 163 का पहरा: परीक्षा केंद्रों के आसपास भारी भीड़ जमा न हो, इसके लिए केंद्रों के बाहर धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू रहेगी।सघन तलाशी: अभ्यर्थियों को केंद्र के भीतर प्रवेश तभी मिलेगा जब वे त्रिस्तरीय सुरक्षा जांच (Proper Checking) से गुजरेंगे। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, ब्लूटूथ और मोबाइल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
लापरवाही पर ‘कठोर प्रहार’ की तैयारी
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी निर्देशों के अनुसार, परीक्षा ड्यूटी में तैनात किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा बरती गई थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि कहीं भी पेपर लीक या गड़बड़ी की सूचना मिलती है, तो संबंधित अधिकारियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन की इंटेलिजेंस विंग और एसटीएफ (STF) भी सक्रिय हो गई है ताकि सॉल्वर गैंग के मंसूबों को नाकाम किया जा सके।
2022 से लंबित इस भर्ती परीक्षा का आयोजन उत्तर प्रदेश के शिक्षा जगत के लिए एक बड़ा कदम है। जहां अभ्यर्थियों के लिए यह करियर का सुनहरा अवसर है, वहीं सरकार और नए शिक्षा सेवा चयन आयोग के लिए यह साख का सवाल है। अब सबकी निगाहें 9 और 10 मई पर टिकी हैं, जब कड़ी सुरक्षा और भारी उम्मीदों के बीच लाखों युवा अपनी किस्मत का फैसला ओएमआर शीट पर दर्ज करेंगे।
