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उत्तराखंड में बिजली व्यवस्था का ‘डिजिटल कायाकल्प’: स्मार्ट मीटर से लैस होंगे घर, मोबाइल एप पर दिखेगी पल-पल की खपत

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उत्तराखंड में बिजली व्यवस्था का ‘डिजिटल कायाकल्प’: स्मार्ट मीटर से लैस होंगे घर, मोबाइल एप पर दिखेगी पल-पल की खपत

देहरादून | सोहन सिंह, साउथ एशिया 24×7

देहरादून: उत्तराखंड में ऊर्जा क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, उपभोक्ता-केंद्रित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप, उत्तराखंड पॉवर कारपोरेशन लि० (UPCL) ने राज्य में स्मार्ट मीटरिंग परियोजना को युद्धस्तर पर लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है। केंद्र सरकार की आर.डी.एस.एस. (RDSS) योजना के तहत अब उपभोक्ताओं को न केवल बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि बिजली चोरी पर लगाम लगने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को अपने ऊर्जा उपभोग के प्रबंधन की शक्ति भी उनके मोबाइल पर मिलेगी।

मुख्यमंत्री के निर्देशों पर मिशन मोड में काम

​परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे गति देने के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि सभी विभागीय, सरकारी, वाणिज्यिक, औद्योगिक और घरेलू उपभोक्ताओं के यहाँ स्मार्ट मीटर स्थापना का कार्य त्वरित गति से पूरा किया जाए। विशेष रूप से राजस्व बाहुल्य क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक जी.एस. बुदियाल ने सेवादाता एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन बढ़ाएं ताकि फील्ड स्तर पर काम में कोई देरी न हो।

उपभोक्ता के हाथ में होगा कंट्रोल: ‘एकीकृत मोबाइल एप’

​स्मार्ट मीटरिंग का सबसे बड़ा लाभ उपभोक्ताओं को एक आधुनिक डिजिटल अनुभव के रूप में मिलेगा। इसके लिए एक एकीकृत उपभोक्ता मोबाइल एप विकसित किया जा रहा है। इस एप के माध्यम से:​रियल-टाइम मॉनिटरिंग: उपभोक्ता देख सकेंगे कि उनके घर में वर्तमान में कितनी बिजली खर्च हो रही है।​पारदर्शी बिलिंग: मीटर रीडिंग में मानवीय गड़बड़ी की गुंजाइश खत्म होगी और सटीक बिल प्राप्त होंगे।​त्वरित भुगतान और निवारण: ऑनलाइन बिल भुगतान के साथ-साथ शिकायतों का घर बैठे समाधान संभव होगा।

मुख्य सचिव ने की ‘मेघा प्रोजेक्ट्स’ की समीक्षा

​हाल ही में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव ने मेघा प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की। इस बैठक में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम सहित ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइंस का अक्षरशः पालन किया जाए। उन्होंने डेटा सुरक्षा (Data Security) और आईटी सिस्टम्स के एकीकरण पर विशेष बल दिया ताकि उपभोक्ताओं का डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहे।

ऊर्जा की बचत, फिजूलखर्ची पर लगाम

​यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रांतियों में न आएं। स्मार्ट मीटरिंग न केवल उपभोक्ताओं को उनकी बिजली खपत पर नियंत्रण प्रदान करेगी, बल्कि अनावश्यक व्यय में भी कमी लाएगी। “ऊर्जा का सदुपयोग ही ऊर्जा की बचत है” के मंत्र के साथ, यह प्रणाली राज्य की विद्युत वितरण दक्षता को बढ़ाएगी और ‘लॉस रिडक्शन’ (Loss Reduction) के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी।

भविष्य की तैयारी: रिसोर्स एडिक्वेसी प्लान

​भविष्य की बढ़ती ऊर्जा मांग को देखते हुए राज्य सरकार ‘रिसोर्स एडिक्वेसी प्लान’ पर भी काम कर रही है। इसके तहत राज्य में दीर्घकालिक मांग के अनुरूप पर्याप्त बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि प्रदेश के हर हिस्से में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति संभव हो सके।

​इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य अभियंता जसवंत सिंह, अधिशासी अभियंता अरुण कांत और सुधीर कुमार सिंह सहित अन्य तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहे। यूपीसीएल का यह कदम उत्तराखंड को ‘स्मार्ट स्टेट’ बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

ब्यूरो रिपोर्ट: साऊथ एशिया 24×7

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