पारंपरिक तरीके और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाएं मुहर्रम, नई परंपरा डालने या हथियारों के प्रदर्शन पर होगी सख्त कार्रवाई: कोतवाल राजेश त्रिपाठी
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पारंपरिक तरीके और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाएं मुहर्रम, नई परंपरा डालने या हथियारों के प्रदर्शन पर होगी सख्त कार्रवाई: कोतवाल राजेश त्रिपाठी
गाजीपुर के बहादुरगंज पुलिस चौकी परिसर में शांति समिति की बैठक संपन्न; अराजक तत्वों और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी पुलिस की पैनी नजर
विशेष संवाददाता, बहादुरगंज (गाजीपुर)।
आगामी मुहर्रम पर्व को पूरी अकीदत, शांति, आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सकुशल संपन्न कराने को लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी क्रम में सोमवार देर शाम बहादुरगंज पुलिस चौकी परिसर में एक महत्वपूर्ण शांति समिति (पीस कमेटी) की बैठक का आयोजन किया गया। कासिमाबाद के कोतवाल (प्रभारी निरीक्षक) राजेश कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में नगर क्षेत्र के तमाम ताजियादारों, अखाड़ा समितियों के खलीफाओं, पदाधिकारियों और विभिन्न संप्रदायों के गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और त्योहार की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की।
मूलभूत जनसमस्याओं पर मंथन, समय से कार्य पूरा करने के निर्देश
बैठक के दौरान उपस्थित ताजियादारों और स्थानीय संभ्रांत नागरिकों ने मुहर्रम के जुलूस मार्गों और कर्बला के आसपास की मूलभूत जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया। नागरिकों ने जुलूस के रास्तों में लटकते बिजली के तारों, साफ-सफाई की कमी और सड़कों पर मौजूद गड्ढों की समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कोतवाल राजेश कुमार त्रिपाठी ने मौके पर ही संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने बैठक में मौजूद नगर पंचायत के लिपिक हरिप्रकाश को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि त्योहार शुरू होने से पहले ही नगर क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चलाया जाए, चूने का छिड़काव हो, प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त की जाए और सड़कों की मरम्मत का कार्य समय से पूरा करा लिया जाए ताकि श्रद्धालुओं और जुलूस में शामिल अकीदतमंदों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
प्रतिबंधित रहेंगे घातक हथियार, नई परंपरा की इजाजत नहीं
शांति समिति को संबोधित करते हुए कासिमाबाद कोतवाल राजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि मुहर्रम का पर्व आपसी भाईचारे, त्याग और सौहार्द का प्रतीक है। गाजीपुर की यह गौरवशाली परंपरा रही है कि यहाँ सभी समुदाय के लोग मिलकर त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से मनाते आए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी कि मुहर्रम के दौरान किसी भी स्तर पर किसी नई परंपरा को लागू करने की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जाएगी।
कोतवाल ने साफ किया कि जुलूस और अखाड़ों के प्रदर्शन के दौरान तलवार, चाकू, बल्लम, भाला या अन्य किसी भी प्रकार के धारदार व घातक हथियारों का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि किसी ने भी इन नियमों का उल्लंघन करने का प्रयास किया, तो प्रशासन उसके खिलाफ वैधानिक और कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद, सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर
कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कोतवाल ने बहादुरगंज पुलिस चौकी प्रभारी पुष्पेश चंद दुबे से अब तक की तैयारियों और सुरक्षा ब्लूप्रिंट की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने पुलिस टीम को निर्देशित किया कि क्षेत्र के चिन्हित अराजक तत्वों और पूर्व की घटनाओं में संलिप्त रहे लोगों पर विशेष निगरानी रखी जाए। साथ ही, उन्होंने सोशल मीडिया (जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक आदि) की मॉनिटरिंग तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भड़काऊ पोस्ट डालने या किसी भी माध्यम से अफवाह फैलाने वाले शरारती तत्वों को तुरंत चिन्हित कर उनके विरुद्ध सीधे मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक में गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में चौकी प्रभारी पुष्पेश चंद दुबे, मोहम्मद अली खान, वरिष्ठ समाजसेवी हरिशंकर राय, मुस्तफा खान, रामायण गुप्ता, मुश्ताक अंसारी, लिपिक हरिप्रकाश, अरविंद प्रजापति, आफताब अहमद, शाहिद खान, शिवमुनि यादव, महताब अहमद, इस्माईल और अफरोज खान सहित नगर के तमाम ताजियादार, अंजुमनों के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरी बैठक बेहद सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जहाँ सभी ने प्रशासन को शांति व्यवस्था बनाए रखने का पूरा भरोसा दिया।
कार्यक्रम के अंत में बहादुरगंज पुलिस चौकी प्रभारी पुष्पेश चंद दुबे ने बैठक में आए सभी अतिथियों, ताजियादारों और संभ्रांत नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
