सचिव संस्कृत शिक्षा ने किया मसूरी के श्री सनातन धर्म संस्कृत विद्यालय का औचक निरीक्षण
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सचिव संस्कृत शिक्षा ने किया मसूरी के श्री सनातन धर्म संस्कृत विद्यालय का औचक निरीक्षण
मसूरी। संस्कृत शिक्षा सचिव श्री दीपक कुमार गैरोला ने जनपद देहरादून के भ्रमण के दौरान मसूरी स्थित श्री सनातन धर्म संस्कृत उत्तर मध्यमा विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संस्कृत शिक्षा को आधुनिकता से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए।
अभिलेखों का सूक्ष्म निरीक्षण एवं छात्रों से संवाद
विद्यालय पहुंचने पर सचिव महोदय ने अध्यापक एवं छात्र उपस्थिति पंजिका, अतिथि लेख पंजिका और विद्यालय कार्यक्रमों की छायाचित्र पंजिका सहित समस्त महत्वपूर्ण अभिलेखों का गहनता से निरीक्षण किया। निरीक्षण के पश्चात उन्होंने छात्रों के बीच पहुंचकर उनसे सीधा संवाद किया और अध्ययन के प्रति रुचि बढ़ाने तथा भविष्य के लक्ष्यों को निर्धारित करने के लिए मार्गदर्शन दिया।
संस्कृत संभाषण और गीता पाठ पर जोर
सचिव ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि अन्य उत्कृष्ट संस्कृत विद्यालयों की भांति यहाँ भी श्रीमद्भगवत गीता के सभी 18 अध्यायों का पठन-पाठन उनके भावार्थ और सार के साथ सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने नगर पालिका क्षेत्र के आसपास के इलाकों में स्थानीय नागरिकों के लिए नियमित रूप से ‘संस्कृत संभाषण शिविर’ आयोजित करने के निर्देश दिए।
विज्ञान और गणित से खुलेंगे करियर के नए द्वार
छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में सचिव ने विद्यालय प्रबंधन से विशेष अनुरोध किया कि:
- उत्तराखंड शासन के निर्देशों के अनुरूप विज्ञान एवं गणित विषयों की मान्यता ली जाए।
- योग्य अध्यापकों की व्यवस्था की जाए ताकि संस्कृत के छात्र भी भविष्य में JEE (Mains) और NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सम्मिलित हो सकें।
- छात्रों को संस्कृत के साथ एक विदेशी भाषा और मानसिक दक्षता बढ़ाने के लिए भारतीय गणित (वैदिक गणित) सीखने की सलाह दी गई।
शैक्षणिक भ्रमण और अंतर्विद्यालयी संवाद
प्रधानाचार्य द्वारा अवगत कराया गया कि छात्रों को प्रतिवर्ष शैक्षिक भ्रमण पर ले जाया जाता है, जिसके अंतर्गत इस वर्ष ऋषिकेश भ्रमण प्रस्तावित है। इस पर सचिव ने निर्देश दिए कि भ्रमण के दौरान छात्रों का अन्य संस्कृत विद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ संवाद (इंटरैक्शन) कराया जाए, जिससे संस्कृत संभाषण और गीता-संवाद जैसे विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान हो सके।
सहयोगी संस्थाओं का आभार
निरीक्षण के उपरांत सचिव ने विद्यालय को स्टेशनरी व अन्य सहायता प्रदान करने वाली संस्था ‘राधा कुंज’ (कृपालु महाराज जी की संस्था) का भ्रमण किया। उन्होंने संस्था के पदाधिकारियों से भेंट कर इस पुनीत कार्य और सहयोग के लिए विभाग की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया।
