स्मार्ट मीटरिंग से यूपीसीएल के राजस्व में उछाल: एक दिन में जारी हुए ₹390 करोड़ के बिल
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स्मार्ट मीटरिंग से यूपीसीएल के राजस्व में उछाल: एक दिन में जारी हुए ₹390 करोड़ के बिल
ब्यूरो रिपोर्ट
देहरादून | 03 जनवरी, 2026
उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लि० (UPCL) की डिजिटल और आधुनिक तकनीक अपनाने की मुहिम रंग लाने लगी है। प्रदेश में लागू की गई स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली ने बिजली बिलिंग और राजस्व प्रबंधन की रफ्तार को नई दिशा दी है। हाल ही में निगम ने मात्र एक दिन में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए करोड़ों के बिल निर्गत किए हैं।
मुख्य बिंदु: एक नज़र में
- रिकॉर्ड बिलिंग: एक ही दिन में 3.88 लाख उपभोक्ताओं की रीडिंग लेकर लगभग ₹390 करोड़ के बिल जारी किए गए।
- राजस्व में हिस्सेदारी: यह राशि यूपीसीएल के औसत मासिक राजस्व का करीब 45 प्रतिशत है।
- सटीकता: स्मार्ट मीटर के कारण मानवीय हस्तक्षेप खत्म हुआ है, जिससे ‘अनुमानित बिल’ (Average Billing) की समस्या से राहत मिली है।
डिजिटल सेवाओं का विस्तार: अब व्हाट्सएप पर बिल
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए यूपीसीएल ने अब व्हाट्सएप बिलिंग सेवा को और सशक्त बनाया है। पंजीकृत उपभोक्ताओं को सीधे उनके फोन पर बिल भेजे जा रहे हैं।
नोट: जिन उपभोक्ताओं को व्हाट्सएप पर बिल नहीं मिल रहे हैं, वे यूपीसीएल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना नंबर पंजीकृत (Register) करा सकते हैं।
जनपदों में लग रहे हैं ‘विद्युत शिविर’
उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में निम्नलिखित सुविधाएं मिल रही हैं:
- बिलिंग संबंधी शिकायतों का तत्काल समाधान।
- बकाया राशि का भुगतान और लोड/कनेक्शन संबंधी कार्य।
- स्मार्ट मीटर के लाभ और तकनीकी जानकारी।
क्या कहते हैं अधिकारी?
यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक के अनुसार, निगम का लक्ष्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं बल्कि उपभोक्ताओं को पारदर्शी और निर्बाध सेवा प्रदान करना है। स्मार्ट मीटरिंग से न केवल विभाग की वाणिज्यिक दक्षता बढ़ी है, बल्कि उपभोक्ताओं का भरोसा भी मजबूत हुआ है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि तकनीक और बेहतर संवाद के माध्यम से विद्युत वितरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए।
