रुड़की में बिजली चोरों पर यूपीसीएल का बड़ा प्रहार; एक ही दिन में पकड़े गए चोरी के 160 मामले
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रुड़की में बिजली चोरों पर यूपीसीएल का बड़ा प्रहार; एक ही दिन में पकड़े गए चोरी के 160 मामले
ब्यूरो रिपोर्ट
रुड़की (हरिद्वार): 07 जनवरी, 2026
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने बिजली चोरी के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाते हुए रुड़की क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। बुधवार तड़के विद्युत वितरण खण्ड (नगरीय) रुड़की की टीम और मुख्यालय की विजिलेंस टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर बिजली चोरी के 160 मामले पकड़े हैं। अधिकारियों के अनुसार, पिछले कई वर्षों में एक ही दिन में पकड़ी गई चोरी के मामलों की यह सबसे बड़ी संख्या है।
तड़के 5:30 बजे शुरू हुआ ‘सघन चेकिंग अभियान’
विद्युत चोरी की लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए विभाग ने बेहद गोपनीय तरीके से इस छापेमारी की योजना बनाई थी। बुधवार सुबह तड़के 5:30 बजे जब लोग सो रहे थे, तभी बिजली विभाग की भारी-भरकम टीम ने चिन्हित क्षेत्रों में दस्तक दी। इस अभियान का नेतृत्व मुख्यालय विजिलेंस टीम के अधिशासी अभियंता श्री अरुण कान्त और मंडलीय स्तर से अधिशासी अभियंता (नगरीय) श्री अनिल कुमार मिश्रा ने किया।
इस संयुक्त टीम में सहायक अभियंता (विजिलेंस) श्री धनंजय, श्री रोबिन, श्री विकास व श्री अनिल सहित भारी संख्या में पुलिस बल (पीएसी) और स्थानीय उपखण्ड अधिकारी व लाइन स्टाफ शामिल रहा।
इन गांवों और क्षेत्रों में हुई छापेमारी
चेकिंग अभियान मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में चलाया गया जहाँ से लंबे समय से बिजली चोरी की सूचनाएं मिल रही थीं। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित स्थान शामिल रहे:
- ग्राम घोड़ेवाला
- मरगुबपुर
- भौरी डेरा
- बेहड़ की राजपुताना
- बेलड़ा
सीधे पोल से डाली जा रही थी कटिया
विद्युत अधिकारियों ने जांच के दौरान पाया कि बिजली चोरी के लिए उपभोक्ता बेहद खतरनाक और अवैध तरीकों का इस्तेमाल कर रहे थे। छापेमारी में दो मुख्य तरीके सामने आए:
- सीधे पोल से केबल: कई घरों और परिसरों में सीधे बिजली के पोल से केबल डालकर ‘कटिया’ के माध्यम से बिजली चोरी की जा रही थी।
- मीटर बाईपास: कुछ स्थानों पर मीटर से पहले आने वाली इनकमिंग केबल में कट लगाकर बिजली का अवैध उपभोग किया जा रहा था, ताकि मीटर में रीडिंग दर्ज न हो सके।
विभाग की सख्त चेतावनी
अधिशासी अभियंता श्री अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि पूरी टीम ने सतर्कता और तेजी दिखाते हुए रिकॉर्ड 160 मामले पकड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी के कारण न केवल राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि इससे लाइनों पर लोड बढ़ने से वैध उपभोक्ताओं को भी लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या का सामना करना पड़ता है।
विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा। पकड़े गए सभी दोषियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।
