अल्प मानदेय और वेतन कटौती के खिलाफ नंदा नगर में अतिथि शिक्षकों की हुंकार, उग्र आंदोलन की चेतावनी
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अल्प मानदेय और वेतन कटौती के खिलाफ नंदा नगर में अतिथि शिक्षकों की हुंकार, उग्र आंदोलन की चेतावनी
By सोहन सिंह
नंदा नगर (चमोली): शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले अतिथि शिक्षकों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। अल्प मानदेय और उस पर भी शीतकालीन व ग्रीष्मकालीन अवकाश का वेतन काटे जाने के विरोध में विकासखंड नंदा नगर के विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों के अतिथि शिक्षकों ने खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय में एक दिवसीय शांतिपूर्ण वार्ता की और अपना विरोध दर्ज कराया। शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि यदि 10 दिनों के भीतर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे जनपद स्तर पर उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।

वेतन कटौती पर गहरा रोष
नंदा नगर ब्लॉक अध्यक्ष नंदराज के नेतृत्व में आयोजित इस वार्ता में शिक्षकों ने कहा कि वे वर्ष 2015 से विद्यालयों में शिक्षण कार्य के साथ-साथ सभी गैर-शिक्षण कार्यों को पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कक्षाध्यापक, परीक्षा प्रभारी, पुस्तकालय प्रबंधन, एमडीएम (MDM) और मासिक टेस्ट की कॉपियां जांचने जैसे कार्यों के लिए वे दुर्गम क्षेत्रों से 20-20 किलोमीटर का सफर तय कर ब्लॉक मुख्यालय आते हैं। इसके बावजूद, उनके अल्प मानदेय में कटौती करना उनके साथ घोर अन्याय है।
सरकारी आदेशों की अवहेलना का आरोप
ब्लॉक उपाध्यक्ष संजय पुरोहित, कोषाध्यक्ष विजेंद्र सिंह नेगी और मीडिया प्रभारी सोहन कठैत ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा निदेशक, देहरादून द्वारा गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के लिए स्पष्ट आदेश जारी किए गए थे कि अतिथि शिक्षक अवकाश के दौरान ऑनलाइन शिक्षण कार्य करेंगे। शिक्षकों ने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है, लेकिन इसके बावजूद खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा 13 बिंदुओं का एक नया फॉर्मेट निकालकर वेतन रोकने का प्रयास किया जा रहा है, जिसकी शिक्षक संघ ने कड़ी निंदा की है।

10 दिनों का अल्टीमेटम
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बीईओ प्रतिनिधि को मांग पत्र सौंपते हुए जिला महिला उपाध्यक्ष बीरा मंदौली, पूर्व अध्यक्ष खिलाप सिंह नेगी और संरक्षक दिग्पाल सिंह फरस्वान ने दो टूक शब्दों में कहा कि अतिथि शिक्षकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर रुका हुआ मानदेय जारी नहीं किया गया, तो नंदा नगर के सभी 65 अतिथि शिक्षक सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेंगे।
इन विद्यालयों के शिक्षक रहे मौजूद
शांतिपूर्ण वार्ता और प्रदर्शन में राजकीय इंटर कॉलेज बांजबगड़, सितेल, बूरा, चौनघाट, मोख, कुंडबगड़, नंदा नगर के साथ-साथ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पेरी, सुंगलवणी और स्यारी भेटि सहित कई स्कूलों के शिक्षक शामिल हुए। शिक्षकों का कहना है कि सरकार एक ओर बेहतर शिक्षा का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी स्तर पर काम करने वाले शिक्षकों के आर्थिक हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है।
