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हादुरगंज नगर पंचायत में प्रशासनिक संकट: अध्यक्ष के फरार होने से कामकाज ठप, सभासदों ने की प्रशासक नियुक्त करने की मांग

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बहादुरगंज नगर पंचायत में प्रशासनिक संकट: अध्यक्ष के फरार होने से कामकाज ठप, सभासदों ने की प्रशासक नियुक्त करने की मांग

अकील अहमद

बहादुरगंज (गाजीपुर): नगर पंचायत बहादुरगंज में पिछले कुछ दिनों से जारी अनिश्चितता और प्रशासनिक गतिरोध अब गहराता जा रहा है। नगर पंचायत अध्यक्ष रेयाज अंसारी के लंबे समय से फरार होने के कारण नगर के विकास कार्य और कर्मचारियों के वेतन संबंधी मामले पूरी तरह से ठप पड़ गए हैं। इस समस्या को लेकर आक्रोशित सभासदों ने अधिशासी अधिकारी (EO) को एक पत्रक सौंपकर जनहित में तत्काल प्रशासक नियुक्त करने की मांग उठाई है।

पारिवारिक विवाद और पुलिसिया दबिश के बाद से फरार हैं अध्यक्ष

​मामले की जड़ में एक पारिवारिक संपत्ति का विवाद है। जानकारी के अनुसार, कोर्ट द्वारा चार्ज मिलने के कुछ समय बाद ही अध्यक्ष रेयाज अंसारी के सगे भाई नेसार अहमद ने पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मामले में कासिमाबाद पुलिस ने ‘शबे-बारात’ की शाम अध्यक्ष के आवास पर दबिश दी थी, जिसके बाद से ही वे फरार चल रहे हैं। अध्यक्ष की अनुपस्थिति ने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली को अधर में लटका दिया है।

कर्मचारियों के वेतन पर संकट और आगामी पर्वों की चिंता

​अधिशासी अधिकारी को पत्रक सौंपने वाले सभासदों— सत्यप्रकाश बर्नवाल, संतोष जायसवाल, चंदा देवी और नौशाद अयान— ने कहा कि अध्यक्ष के हस्ताक्षर न होने के कारण नगर पंचायत के कर्मचारियों का वेतन रुक गया है। सभासदों का कहना है कि आगामी त्योहारों को देखते हुए कर्मचारियों का वेतन बाधित होना मानवीय और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गलत है। वेतन न मिलने से सफाई व्यवस्था और अन्य आवश्यक सेवाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।

प्रशासक की नियुक्ति ही एकमात्र समाधान

​सभासदों ने दो टूक शब्दों में कहा कि एक व्यक्ति की अनुपस्थिति के कारण पूरे नगर की जनता को सजा नहीं दी जा सकती। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जब तक अध्यक्ष वापस नहीं आते या स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक नगर पंचायत में किसी सक्षम अधिकारी को प्रशासक नियुक्त किया जाए। इससे रुके हुए वित्तीय कार्य संपन्न हो सकेंगे और जनहित के कार्यों को गति मिलेगी।

मौके पर उपस्थित रहे प्रमुख लोग

​पत्रक सौंपने के दौरान पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि अब्दुल्ला राईनी के साथ सभासद सत्यप्रकाश बर्नवाल, संतोष जायसवाल, गौरी शंकर बांसफोर, और नौशाद अयान सहित कई स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

​नगर पंचायत में चल रही यह खींचतान अब चर्चा का विषय बनी हुई है। अब सबकी नजरें जिला प्रशासन और शासन के निर्णय पर टिकी हैं कि क्या बहादुरगंज में जल्द ही प्रशासक की कमान सौंपी जाएगी या कर्मचारियों का इंतजार और लंबा होगा।

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