महिला दिवस पर नव चेतना समिति की हुंकार: “महिलाओं पर बढ़ती हिंसा के लिए सरकार और पुलिस जिम्मेदार”, समाजसेवियों का हुआ सम्मान
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महिला दिवस पर नव चेतना समिति की हुंकार: “महिलाओं पर बढ़ती हिंसा के लिए सरकार और पुलिस जिम्मेदार”, समाजसेवियों का हुआ सम्मान
देहरादून | 08 मार्च, 2026
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजधानी देहरादून में ‘नव चेतना समिति’ द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जहाँ समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया, वहीं “महिलाओं पर बढ़ता अपराध व राज्य की जिम्मेदारी” विषय पर आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए।
“अधिकारों के लिए आज भी संघर्ष जारी”
समिति की संयोजक दीप्ति रावत बिष्ट ने गोष्ठी की शुरुआत करते हुए कहा कि आज के दौर में भी महिलाओं की स्थिति में जमीनी सुधार की भारी आवश्यकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाएं घर और बाहर दोनों मोर्चों पर संघर्ष कर रही हैं, लेकिन राजनीतिक, न्यायिक और आर्थिक मोर्चों पर वे आज भी असमानता और भेदभाव का शिकार हैं। उनके रचनात्मक विकास के लिए प्रभावी कदम उठाना समय की मांग है।
पलायन और सुरक्षा पर चिंता
उत्तराखंड क्रांति दल की नेता श्रीमती प्रमिला रावत ने पहाड़ की महिलाओं की चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पलायन ने उत्तराखंड की महिलाओं के जीवन को और अधिक संघर्षपूर्ण बना दिया है। जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों और उस पर सरकार की विफलता ने ग्रामीण महिलाओं की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।
वहीं, आंगनबाड़ी संगठन की प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी ने कहा कि न्यूनतम मानदेय के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां नौनिहालों के भविष्य को संवार रही हैं, लेकिन सरकार उनकी स्थिति के प्रति गंभीर नहीं है।
पुलिस और प्रशासन पर हमला
गोष्ठी में वक्ता मोनिका यादव ने प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस महिलाओं के विरुद्ध होने वाली हिंसा को रोकने में लगभग असफल साबित हुई है, जिससे समाज में असुरक्षा और भय का माहौल व्याप्त है।
समाजसेवी महिलाएं हुईं सम्मानित
कार्यक्रम के दूसरे चरण में नव चेतना समिति ने प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी समाज सेवा के क्षेत्र में मिसाल पेश करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया।
- सम्मानित विभूतियां: एडवोकेट अल्पना जदली, श्रीमती एकता क्षेत्री और स्नेह लता को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अनीता उपाध्यक्ष, उमा थापा, एकता, गीता गुरुंग, गुंजन रेखा सिंह, माया पुंडीर, उमा देवी और कमला थापा सहित कई महिलाओं ने अपने विचार साझा किए।
