उत्तराखंड और यूपी PGT परीक्षा की तारीखें टकराईं, संकट में हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य
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उत्तराखंड और यूपी PGT परीक्षा की तारीखें टकराईं, संकट में हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य
देहरादून/प्रयागराज:
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने का सपना देख रहे हजारों युवाओं के सामने एक बड़ी धर्मसंकट की स्थिति पैदा हो गई है। दोनों राज्यों के लोक सेवा आयोगों द्वारा आयोजित होने वाली PGT (Post Graduate Teacher) परीक्षाओं की तिथियां एक ही दिन पड़ने के कारण अभ्यर्थियों में भारी रोष और चिंता है।
क्या है मुख्य विवाद?
जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड PGT परीक्षा और उत्तर प्रदेश PGT परीक्षा, दोनों का आयोजन आगामी 09 और 10 मई 2026 को होना निश्चित हुआ है। उत्तर प्रदेश आयोग ने इन तिथियों की घोषणा पहले की थी, जिसके बाद उत्तराखंड आयोग द्वारा भी इन्हीं तारीखों को परीक्षा निर्धारित कर दी गई।
अभ्यर्थियों की दुविधा
बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने दोनों राज्यों के लिए आवेदन किया है। परीक्षार्थियों का कहना है कि:अवसरों का नुकसान: एक ही समय पर परीक्षा होने से उन्हें किसी एक राज्य की परीक्षा छोड़नी होगी।मानसिक तनाव: वर्षों की तैयारी के बाद अंतिम समय में इस टकराव ने छात्रों को मानसिक रूप से परेशान कर दिया है।प्रशासनिक चूक: छात्रों का तर्क है कि पड़ोसी राज्यों के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा बेरोजगार युवाओं को भुगतना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
प्रभावित अभ्यर्थियों ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी ‘परीक्षा तिथि बदलने’ की मुहिम तेज हो गई है। अभ्यर्थियों का निवेदन है कि उत्तराखंड लोक सेवा आयोग अपनी परीक्षा की तारीखों में मामूली बदलाव करे ताकि छात्र दोनों परीक्षाओं में सम्मिलित हो सकें।
क्या होगा अगला कदम?
फिलहाल शासन या आयोग की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यदि समय रहते निर्णय नहीं लिया गया, तो हजारों मेधावी छात्र एक बड़े रोजगार अवसर से वंचित रह सकते हैं।
