उत्तराखंड: बिजली चोरी पर यूपीसीएल का बड़ा प्रहार, हरिद्वार-ऊधमसिंह नगर में 86% FIR; स्मार्ट मीटरिंग से सुधरे हालात
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उत्तराखंड: बिजली चोरी पर यूपीसीएल का बड़ा प्रहार, हरिद्वार-ऊधमसिंह नगर में 86% FIR; स्मार्ट मीटरिंग से सुधरे हालात
देहरादून | 11 मार्च, 2026
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) राज्य में विद्युत हानियों (AT&C Losses) को कम करने और अपनी कार्यदक्षता सुधारने के लिए मिशन मोड में काम कर रहा है। यूपीसीएल की प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि वर्ष 2021-22 से 2024-25 के बीच बिजली हानियां 15.75% से घटकर 14.57% के स्तर पर आ गई हैं।
स्मार्ट मीटरिंग: 50% फोकस हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर पर
केंद्र पोषित RDSS योजना के तहत उत्तराखंड के 15.87 लाख उपभोक्ताओं के यहाँ स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। यूपीसीएल ने रणनीतिक बदलाव करते हुए इनमें से लगभग 50% मीटर (7.88 लाख) केवल हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में लगाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही 33/11 KV उपसंस्थानों के फीडरों पर स्मार्ट मीटर लगने से ऊर्जा की निगरानी व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है।
विद्युत चोरी के खिलाफ सख्त एक्शन
यूपीसीएल ने बिजली चोरों के खिलाफ अपना शिकंजा कस दिया है। वर्ष 2024-25 में विद्युत अधिनियम की धारा-135 के तहत प्रदेशभर में कुल 7439 एफआईआर दर्ज की गई हैं। आंकड़ों की गौर करने वाली बात यह है कि:
- कुल एफआईआर का 70% (5163 FIR) केवल हरिद्वार जिले में हुईं।
- लगभग 17% (1300 FIR) ऊधमसिंह नगर जिले में दर्ज कराई गईं। इन दोनों संवेदनशील जिलों में सख्त निगरानी का असर अब तकनीकी सुधार के रूप में दिखने लगा है।
तकनीकी सुधार: 4% तक कम हुई हानियां
यूपीसीएल द्वारा वितरण नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए कई तकनीकी नवाचार किए गए हैं, जिनमें मुख्य हैं:
- पुराने एलटी कंडक्टरों को एरियल बंच केबिल (ABC) से बदलना।
- उच्च हानि वाले फीडरों का पुनर्गठन और ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि।
- भूमिगत केबलिंग और नेटवर्क आधुनिकीकरण। इन प्रयासों के चलते रुड़की मंडल में तकनीकी हानियों में 4% और हरिद्वार मंडल में 1% का उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
भविष्य की प्रतिबद्धता
यूपीसीएल ने तकनीकी नवाचार, विजिलेंस कार्रवाई और नेटवर्क सुदृढ़ीकरण का एक समन्वित मॉडल अपनाया है। निगम का उद्देश्य भविष्य में स्मार्ट मीटरिंग और डिजिटल निगरानी के विस्तार के माध्यम से राज्य की विद्युत वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, कुशल और विश्वसनीय बनाना है
