तुम देश संभालो, मैं घर संभाल लूँगी
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तुम देश संभालो, मैं घर संभाल लूँगी”
By प्रीति
चिंता ना करना स्वामी
मैं सब सम्भाल लूँगी
बस एक सिलेंडर मे
दो माह काट लूँगी
इतनी मची क्यूँ त्राहि
मैं भूल कर कड़ाही
कुकर निकाल लूँगी
दावत नहीं है शाही
मैं दाल भात दूँगी
चिंता ना करना स्वामी
मैं….
मैं ये नहीं कहूँगी
जाओ सिलेंडर लाओ
लाना है गर तुम्हें तो
फल और सलाद लाओ
ईंधन bachaungi पर
सेहत कमाल दूँगी
चिन्ता ना करना स्वामी
मैं
गर खीर ना मिली तो
कुछ और बना दूँगी
ईंधन बगैर भी मैं
व्यंजन हजार दूँगी
संकट की इस घड़ी में
तुमको निकाल लूँगी
चिंता ना करना स्वामी
मैं…
( माननीय मोदी जी को आश्वासन देते हुए कहना चाहती हूं)
मुझे देश ने दिया है सम्मान इतना ज्यादा
महिला सशक्त करके
पूरा किया है वादा
तुम देश को संभालो
मैं घर सम्भाल लूँगी
चिंता ना करना देखो
मैं सब सम्भाल लूँगी
