चैत्र नवरात्र पर CM योगी की प्रदेशवासियों को ‘पाती’: बोले- ‘उपद्रव से उत्सव प्रदेश’ बना यूपी, नारी शक्ति ही सशक्त समाज का आधार
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चैत्र नवरात्र पर CM योगी की प्रदेशवासियों को ‘पाती’: बोले- ‘उपद्रव से उत्सव प्रदेश’ बना यूपी, नारी शक्ति ही सशक्त समाज का आधार
लखनऊ (उत्तर प्रदेश): चैत्र नवरात्र और सनातन नव संवत्सर (विक्रम संवत 2083) की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक भावुक और प्रेरणादायी पत्र (पाती) लिखा है। मुख्यमंत्री ने इस पत्र के माध्यम से न केवल पर्व की शुभकामनाएं दीं, बल्कि पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश के कायाकल्प और नारी शक्ति के बढ़ते सामर्थ्य को भी रेखांकित किया।
भक्ति, शक्ति और नवचेतना का संचार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि चैत्र नवरात्र का पावन पर्व सभी के जीवन में भक्ति, शक्ति और नवचेतना का संचार करे। उन्होंने सनातन नव संवत्सर 2083 की हृदय से बधाई देते हुए कहा कि यह नया साल प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली का मार्ग प्रशस्त करेगा।
संकल्प से सिद्धि: ‘उपद्रव’ से ‘उत्सव’ तक का सफर
मुख्यमंत्री ने पिछले 9 वर्षों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश ने ‘संकल्प से सिद्धि’ की एक गौरवमयी यात्रा तय की है। उन्होंने कहा:
“2017 से पूर्व के कालखंड के अंधेरे से उबरकर आज हमारा प्रदेश ‘उपद्रव प्रदेश’ की छवि त्याग कर ‘उत्सव प्रदेश’ के रूप में अपनी नई पहचान बना चुका है। यह नवनिर्माण जन-सहभागिता और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है।”
नारी शक्ति: वंदन और सशक्तीकरण का महापर्व
सीएम योगी ने चैत्र नवरात्र को केवल उपासना का पर्व नहीं, बल्कि नारी शक्ति के वंदन का महापर्व बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि वही समाज और प्रदेश सशक्त बनता है, जहाँ बेटियाँ समर्थ और सुरक्षित होती हैं। उनके पत्र के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:
- नारी का योगदान: उत्सव प्रदेश के नवनिर्माण में मातृशक्ति का योगदान अतुलनीय है।
- सपनों का आसमान: बेटियों को उनके सपनों का आसमान मिले और मातृशक्ति को वह सम्मान प्राप्त हो जिसकी वह अधिकारी हैं।
- नेतृत्व और परिवर्तन: नारी शक्ति द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किया जा रहा नेतृत्व सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त उदाहरण है।
बेटियों को समान अवसर देने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि विकसित प्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हर क्षेत्र में बेटियों को समान अवसर प्रदान किए जाएं। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि इस नवरात्र हम बेटियों को बेटों के समान अवसर और सुरक्षा प्रदान करने का दृढ़ संकल्प लें।
