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लखनऊ: SIR कार्य के दबाव में BLO लापता, 23 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, पत्नी ने लगाई न्याय की गुहार

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लखनऊ: SIR कार्य के दबाव में BLO लापता, 23 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, पत्नी ने लगाई न्याय की गुहार

लखनऊ, 17 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सरकारी कार्य के बढ़ते दबाव का एक बेहद दुखद और गंभीर मामला सामने आया है। जानकीपुरम थाना क्षेत्र से एक शिक्षामित्र और बीएलओ (BLO) दिलीप कुमार सिंह (46) बीते 23 फरवरी से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हैं। 23 दिन बीत जाने के बाद भी जानकीपुरम पुलिस उनका सुराग लगाने में नाकाम रही है, जिससे परेशान होकर उनकी पत्नी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर प्रशासन और मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।

“नाश्ता तैयार रखो, अभी आता हूँ” – और फिर नहीं लौटे

​दिलीप कुमार सिंह मूल रूप से लखीमपुर खीरी के निवासी हैं और वर्तमान में जानकीपुरम विस्तार सेक्टर-3 में अपने परिवार के साथ रहते हैं। परिजनों के अनुसार, 23 फरवरी की सुबह करीब 8:30 बजे दिलीप सिंह यह कहकर घर से निकले थे कि “नाश्ता तैयार करो, अभी वापस आ रहा हूँ।” लेकिन तीन घंटे बीत जाने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटे और उनका मोबाइल स्विच ऑफ आने लगा, तो परिवार में हड़कंप मच गया।

व्हाट्सएप मैसेज: मानसिक प्रताड़ना का खुलासा

​लापता होने के दिन शाम करीब 5 बजे दिलीप सिंह ने अपने बीएलओ व्हाट्सएप ग्रुप में अपनी सुपरवाइजर सुषमा मैडम को एक संदेश भेजा। इस मैसेज ने विभाग के भीतर काम के दबाव की पोल खोल दी। उन्होंने लिखा:

“मैं SIR का काम छोड़कर जा रहा हूँ। मेरा नोटिस फॉर्म बाइक के बैग में रखा है, जरूरत हो तो ले लें। मैं इस कार्य और नौकरी के दबाव के कारण बहुत परेशान हूँ।”

 

​जब सुपरवाइजर ने उनकी लोकेशन पूछी, तो दिलीप सिंह ने दोबारा जवाब देते हुए लिखा: “SDM BKT से कह दो, नौकरी लेनी है तो ले लें, बार-बार दबाव बना रहे हैं।” इस अंतिम संदेश के बाद से उनका मोबाइल लगातार बंद है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

​दिलीप सिंह के परिवार में उनकी पत्नी दीपिका सिंह, दो बेटियां अनन्या (कक्षा 11) व आकृति (कक्षा 6) और एक बेटा सार्थक (कक्षा 3) है। बेटी अनन्या के मुताबिक, घटना वाले दिन सुबह 10 बजे पिता ने अपनी मां (दादी उर्मिला सिंह) से फोन पर बात की थी और बताया था कि SIR कार्य (Survey of India Records/Digital Survey) के कारण उन्हें बिल्कुल समय नहीं मिल पा रहा है और वह काफी तनाव में हैं।

​पत्नी दीपिका सिंह का आरोप है कि पति पिछले कई दिनों से विभागीय अधिकारियों के रवैये और एसआईआर कार्य के बोझ को लेकर मानसिक रूप से परेशान थे।

रक्षा मंत्री से मुलाकात, पर पुलिस अब तक नाकाम

​23 दिन बीत जाने के बाद भी जब जानकीपुरम पुलिस कोई ठोस जानकारी नहीं जुटा सकी, तो पीड़ित पत्नी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की। रक्षा मंत्री ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन धरातल पर अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है। पत्नी ने अब एक भावुक वीडियो जारी कर शासन-प्रशासन से अपील की है कि उनके पति को जल्द से जल्द ढूँढा जाए, क्योंकि घर की आर्थिक स्थिति और बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है।

प्रशासनिक दबाव पर उठते सवाल

​यह मामला केवल एक व्यक्ति के लापता होने का नहीं है, बल्कि सरकारी विभागों में निचले स्तर के कर्मचारियों पर डाले जा रहे अतिरिक्त कार्यों और उनके मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी का भी है। बीकेटी (BKT) तहसील के अधिकारियों पर लगे आरोपों ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है।

पुलिस का पक्ष: जानकीपुरम पुलिस का कहना है कि वे मोबाइल सर्विलांस और अन्य माध्यमों से दिलीप सिंह की तलाश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई पुख्ता लोकेशन नहीं मिल सकी है।

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