UP Board यूपी बोर्ड: आज से ‘महा-मूल्यांकन’ का आगाज; 250 केंद्रों पर 1.53 लाख परीक्षक तय करेंगे करोड़ों छात्रों का भाग्य
1 min read


UP Board यूपी बोर्ड: आज से ‘महा-मूल्यांकन’ का आगाज; 250 केंद्रों पर 1.53 लाख परीक्षक तय करेंगे करोड़ों छात्रों का भाग्य
प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं के सफल आयोजन के बाद अब प्रदेश भर में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का महाभियान आज से शुरू हो रहा है। बोर्ड ने इस बार कॉपियों की जांच के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा और पारदर्शिता के इंतजाम किए हैं। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बनाए गए 250 मूल्यांकन केंद्रों पर आज सुबह से ही परीक्षकों का जमावड़ा शुरू हो गया है, जहाँ आगामी कुछ दिनों तक करोड़ों कॉपियों के बंडल खोले जाएंगे और छात्रों की मेहनत का आकलन होगा।
मूल्यांकन केंद्रों का विस्तृत ढांचा
बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मूल्यांकन कार्य को सुव्यवस्थित करने के लिए केंद्रों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। प्रदेश भर में कुल 250 केंद्र सक्रिय किए गए हैं:
- हाईस्कूल (10वीं): इनकी कॉपियों की जांच के लिए विशेष रूप से 117 केंद्र निर्धारित किए गए हैं।
- इंटरमीडिएट (12वीं): उच्च माध्यमिक स्तर की कॉपियों के मूल्यांकन हेतु 111 केंद्र बनाए गए हैं।
- संयुक्त केंद्र: इसके अतिरिक्त 22 केंद्र ऐसे हैं जहाँ हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों स्तर की कॉपियों का मूल्यांकन एक साथ किया जाएगा।
यह त्रि-स्तरीय व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि विषयों के अनुसार परीक्षकों का प्रबंधन आसानी से किया जा सके और कॉपियों के मिश्रण या किसी भी प्रकार की तकनीकी त्रुटि की गुंजाइश न रहे।
1.53 लाख कार्मिकों की ‘डिजिटल और मैन्युअल’ फौज
इस विशाल कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 1.53 लाख अनुभवी कार्मिकों की तैनाती की है। इसमें मुख्य परीक्षक, उप-मुख्य परीक्षक और सहायक परीक्षक शामिल हैं।
इस वर्ष मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की गई हैं। प्रत्येक परीक्षक को प्रतिदिन कॉपियों की एक निश्चित संख्या (कोटा) आवंटित की जाएगी, ताकि वे बिना किसी मानसिक दबाव के गुणवत्तापूर्ण जांच कर सकें। साथ ही, बोर्ड ने यह भी सुनिश्चित किया है कि परीक्षकों को पारिश्रमिक का भुगतान भी सुचारू रूप से हो।
सुरक्षा के कड़े पहरे में मूल्यांकन
उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा को लेकर बोर्ड इस बार बेहद गंभीर है। सभी 250 मूल्यांकन केंद्रों को CCTV कैमरों की निगरानी में रखा गया है। केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू रहेगी और अनाधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित होगा। जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन केंद्रों का औचक निरीक्षण करें।
मूल्यांकन केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं के आने और जाने का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल माध्यम से अपडेट किया जाएगा। इसके अलावा, उत्तर पुस्तिकाओं के बंडल खोलने से लेकर नंबरों को अवार्ड शीट पर चढ़ाने तक की प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग और कड़ी निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की ‘नंबरों की हेराफेरी’ या धांधली को रोका जा सके।
समय पर परिणाम की चुनौती
यूपी बोर्ड दुनिया के सबसे बड़े शिक्षा बोर्डों में से एक है। करोड़ों कॉपियों का मूल्यांकन एक निर्धारित समय सीमा के भीतर करना बोर्ड के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। आज से शुरू हुआ यह अभियान न केवल शिक्षकों की निष्ठा का परीक्षण है, बल्कि बोर्ड की प्रशासनिक क्षमता का भी प्रमाण होगा।
शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि मूल्यांकन कार्य को रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया जाए ताकि सत्र 2026-27 के लिए परिणाम समय पर घोषित किए जा सकें। इससे छात्रों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन करने में सहूलियत होगी।
छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी धड़कनें
जैसे ही केंद्रों पर कॉपियों की जांच शुरू हुई है, प्रदेश के लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों की धड़कनें तेज हो गई हैं। यह मूल्यांकन प्रक्रिया न केवल छात्रों के शैक्षणिक वर्ष का फैसला करेगी, बल्कि उनके भविष्य की करियर दिशा भी तय करेगी। बोर्ड सचिव ने सभी परीक्षकों से अपील की है कि वे ‘पूरी ईमानदारी और सहानुभूति’ के साथ कॉपियों का मूल्यांकन करें, ताकि किसी भी मेधावी छात्र के साथ अन्याय न हो।
