उत्तराखंड कैबिनेट विस्तार आज ? धामी मंत्रिमंडल में शामिल होंगे नए चेहरे; कुमाऊं-गढ़वाल के इन दिग्गजों की लग सकती है लॉटरी
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उत्तराखंड कैबिनेट विस्तार आज ? धामी मंत्रिमंडल में शामिल होंगे नए चेहरे; कुमाऊं-गढ़वाल के इन दिग्गजों की लग सकती है लॉटरी
देहरादून, 20 मार्च 2026। उत्तराखंड की राजनीति में आज का दिन बेहद निर्णायक साबित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार की घड़ी आ गई है। सूत्रों के अनुसार, आज सुबह 10:00 बजे राजभवन में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। कैबिनेट में वर्तमान में रिक्त चल रहे 5 पदों को भरने के लिए भाजपा हाईकमान ने क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों के साथ-साथ ‘मिशन 2027’ को ध्यान में रखकर नामों का पैनल तैयार कर लिया है।

कुमाऊं और गढ़वाल में ‘बैलेंस’ बनाने की कवायद
सत्ता के गलियारों में चल रही चर्चाओं के अनुसार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट और मुख्यमंत्री धामी ने नए चेहरों के साथ पुराने अनुभवी दिग्गजों पर दांव खेलने की रणनीति बनाई है। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कुमाऊं और गढ़वाल मंडलों के बीच प्रतिनिधित्व का संतुलन बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
इन नामों पर लग सकती है मुहर (संभावित सूची):
कुमाऊं मंडल से प्रमुख दावेदार:
- शिव अरोड़ा (रुद्रपुर): तराई क्षेत्र में मजबूत पकड़ और सांगठनिक कौशल के कारण इनका नाम सबसे आगे है।
- बिशन सिंह चुफाल (दीदीहाट): पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कद्दावर नेता, जिनका अनुभव सरकार के लिए महत्वपूर्ण है।
- सुरेश गढ़िया (कपकोट): युवाओं और पहाड़ी क्षेत्र के प्रतिनिधित्व के तौर पर प्रबल दावेदार।
- अरविंद पांडे: पूर्व मंत्री और गदरपुर विधायक, जिन्हें अनुभव के आधार पर फिर से जगह मिल सकती है।
गढ़वाल मंडल से रेस में आगे:
- खजानदास (राजपुर रोड): देहरादून जिले से दलित चेहरे के रूप में उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।
- प्रदीप बत्रा (रुड़की): हरिद्वार जिले के समीकरणों को साधने के लिए बत्रा का नाम चर्चा में है।
- भरत चौधरी (रुद्रप्रयाग): अपनी बेदाग छवि और विकास कार्यों के लिए जाने जाते हैं।
- विनोद कंडारी (देवप्रयाग): युवा विधायक के तौर पर मंत्रिमंडल में शामिल किए जा सकते हैं।
- सहदेव पुंडीर (सहसपुर): पछवादून क्षेत्र के बड़े नेता के तौर पर उभर सकते हैं।
महिला प्रतिनिधित्व और आगामी चुनाव पर नजर
कैबिनेट विस्तार में महिला कोटे का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। केदारनाथ से विधायक आशा नौटियाल का नाम मंत्री पद की रेस में सबसे ऊपर चल रहा है। भाजपा का मानना है कि महिलाओं और युवाओं को तरजीह देकर 2027 की राह आसान की जा सकती है।
अभी ‘फोन कॉल’ का इंतजार, सरगर्मियां तेज
हालांकि, राजभवन से अभी तक आधिकारिक पुष्टि या विधायकों को अंतिम फोन कॉल जाने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट के बयानों ने साफ कर दिया है कि विचार-मंथन पूरा हो चुका है। भाजपा इस बार ‘परफॉर्मेंस’ और ‘पब्लिक कनेक्ट’ को आधार बनाकर टीम धामी का विस्तार कर रही है।
निष्कर्ष: मिशन 2027 के लिए ‘टीम धामी’ तैयार
यह कैबिनेट विस्तार केवल पदों को भरना नहीं है, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का ‘रणकौशल’ है। 5 खाली पदों पर होने वाली नियुक्तियां यह तय करेंगी कि आने वाले समय में उत्तराखंड के विकास और राजनीति की दिशा क्या होगी।
