उत्तराखंड में भारी हिमस्खलन की चेतावनी: उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ ‘Danger Level-3’ पर; सरकार ने जारी की एडवायजरी
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उत्तराखंड में भारी हिमस्खलन की चेतावनी: उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ ‘Danger Level-3’ पर; सरकार ने जारी की एडवायजरी
देहरादून, 20 मार्च 2026। उत्तराखंड के ऊँचाई वाले क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी बर्फबारी और हिमस्खलन (Avalanche) का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र (SEOC) ने Defence Geoinformatics Research Establishment (DGRE), चंडीगढ़ के पूर्वानुमान के आधार पर प्रदेश के पाँच जनपदों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से तीन सीमांत जिलों को ‘डेंजर लेवल-3’ की श्रेणी में रखा गया है, जहाँ हिमस्खलन की सबसे अधिक संभावना है।
इन जिलों में ‘रेड अलर्ट’: उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ सबसे संवेदनशील
आधिकारिक पत्र (संख्या-163/SEOC) के अनुसार, 20 मार्च 2026 की शाम 05:00 बजे से लेकर 21 मार्च 2026 की शाम 05:00 बजे तक भारी बर्फबारी और हिमस्खलन का पूर्वानुमान है।
- डेंजर लेवल-3 (Danger Level-3): जनपद उत्तरकाशी, चमोली एवं पिथौरागढ़ को अत्यधिक संवेदनशील माना गया है।
- डेंजर लेवल-1 (Danger Level-1): जनपद रुद्रप्रयाग एवं बागेश्वर में भी हिमस्खलन की चेतावनी जारी की गई है।
प्रशासन और जनता के लिए विशेष सावधानियां
राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे स्थानीय जनता को निम्नलिखित सावधानियों के प्रति जागरूक करें:
- निगरानी: दिन और रात के दौरान अपने नजदीकी क्षेत्रों में गिर रही बर्फ और हिमस्खलन की गतिविधियों की जानकारी लेते रहें।
- आवागमन पर रोक: हिमस्खलन की संभावना वाले क्षेत्रों में अति आवश्यक होने पर ही यात्रा करें, अन्यथा असुरक्षित क्षेत्रों में जाने से बचें।
- छतों की सुरक्षा: बर्फबारी के दौरान अपने घरों, अस्थाई आवासों और गौशालाओं की छतों पर अधिक बर्फ जमा न होने दें, इसे नियमित रूप से साफ करते रहें ताकि छत गिरने का खतरा न रहे।
- स्थान परिवर्तन: यदि कोई परिवार अस्थाई रूप से अधिक बर्फ वाले क्षेत्रों में निवास कर रहा है, तो वे अगले एक-दो दिन के लिए सुरक्षित निचले स्थानों पर चले जाएं।
- पुराने एवालॉन्च क्षेत्र: जिन क्षेत्रों में पहले हिमस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं, वहां विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक सतर्कता और समन्वय
इस गंभीर सूचना को मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव, और पुलिस महानिदेशक सहित सभी संबंधित विभागों को प्रेषित कर दिया गया है। आईटीबीपी (ITBP), बीआरओ (BRO) और एसडीआरएफ (SDRF) को भी सतर्क रहने को कहा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। सीमांत क्षेत्रों में पर्यटकों और ट्रेकर्स को भी उच्च हिमालयी क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है।
