UP BJP कोर कमेटी की बैठक: ‘मिशन 2027’ के लिए बुना गया चक्रव्यूह; मंत्रिमंडल विस्तार और नई टीम पर अंतिम मंथन Cabinet Expansion
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UP BJP कोर कमेटी की बैठक: ‘मिशन 2027’ के लिए बुना गया चक्रव्यूह; मंत्रिमंडल विस्तार और नई टीम पर अंतिम मंथन Cabinet Expansion
लखनऊ, 20 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव और उससे पहले होने वाले सांगठनिक बदलावों को लेकर राजधानी लखनऊ में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित भाजपा कोर कमेटी की बैठक में सरकार और संगठन के शीर्ष दिग्गजों ने घंटों मंथन किया। इस बैठक की सबसे खास बात RSS के सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार की मौजूदगी रही, जो सरकार और संघ के बीच बेहतर तालमेल का संकेत दे रही है।
बैठक में दिग्गजों का जमावड़ा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सत्ता और संगठन के सभी प्रमुख स्तंभ शामिल हुए:
- सरकार की ओर से: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक।
- संगठन की ओर से: प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह।
- संघ की ओर से: सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार ने रणनीतिक दिशा-निर्देश साझा किए।
मंत्रिमंडल विस्तार और नई टीम पर चर्चा (सूत्र)
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक का सबसे अहम एजेंडा मंत्रिमंडल विस्तार रहा। चर्चा है कि जल्द ही यूपी कैबिनेट में कुछ नए चेहरों को जगह मिल सकती है, जबकि कुछ मंत्रियों की जिम्मेदारी बदली जा सकती है। इसके साथ ही यूपी भाजपा की नई कमेटी के गठन पर भी विस्तार से विचार किया गया, ताकि 2027 के चुनाव से पहले एक ऊर्जावान टीम मैदान में उतारी जा सके।
कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने पर जोर
भाजपा नेतृत्व का पूरा ध्यान अपने आधार स्तंभ यानी ‘कार्यकर्ताओं’ पर है। बैठक में यह तय किया गया कि:
- आयोग और निगमों में समायोजन: लंबे समय से प्रतीक्षारत कार्यकर्ताओं को विभिन्न आयोगों और निगमों में रिक्त पदों पर जल्द नियुक्त किया जाएगा।
- नाराजगी दूर करना: स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की शिकायतों को सुनकर उन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि चुनाव से पहले एकजुटता का संदेश जाए।
ओबीसी (OBC) कार्ड और पंचायत चुनाव की रणनीति
आगामी पंचायत चुनाव को देखते हुए भाजपा ने अपनी ‘सोशल इंजीनियरिंग’ को धार देना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में OBC आयोग के गठन पर गंभीर मंथन हुआ है। पार्टी का लक्ष्य पिछड़ी जातियों के बीच अपनी पकड़ को और मजबूत करना है, जो यूपी की सत्ता की चाबी मानी जाती हैं।
प्रचार का नया मॉडल: ‘पिछली सरकार बनाम योगी सरकार’
बैठक में सरकार की उपलब्धियों को घर-घर पहुँचाने के लिए एक विशेष अभियान की रूपरेखा तैयार की गई है। इसके तहत:
- तुलनात्मक अभियान: भाजपा अब जनता के बीच “पिछली सरकार बनाम वर्तमान सरकार” का डेटा लेकर जाएगी। अपराध नियंत्रण, विकास कार्यों और पारदर्शी भर्तियों के मुद्दे पर पिछली सरकारों की विफलताओं की तुलना योगी सरकार की सफलताओं से की जाएगी।
- डिजिटल और ग्राउंड कनेक्ट: सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों (लाभार्थी वर्ग) से सीधा संपर्क साधने की रणनीति बनाई गई है।
