उत्तराखंड में 26 मार्च तक खराब रहेगा मौसम: ऊँचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बारिश का अलर्ट; मैदानों में चलेंगी 60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं
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उत्तराखंड में 26 मार्च तक खराब रहेगा मौसम: ऊँचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बारिश का अलर्ट; मैदानों में चलेंगी 60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं
देहरादून, 20 मार्च 2026। देवभूमि उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने प्रदेश के लिए 21 मार्च से 26 मार्च तक का विशेष पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम निदेशक सीएस तोमर मुताबिक, प्रदेश में सक्रिय हो रहे दूसरे पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण अगले पाँच दिनों तक पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी और मैदानी इलाकों में तेज अंधड़ का दौर जारी रहेगा।
पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी और ठंड का कहर
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में 21 मार्च से पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखना शुरू हो जाएगा।
- प्रभावित जिले: विशेष रूप से उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के हाई एल्टीट्यूड (ऊँचाई वाले) क्षेत्रों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है।
- चारधाम में स्थिति: गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के साथ-साथ हेमकुंड साहिब में वर्तमान में भी जमकर बर्फबारी हो रही है। मौसम विभाग का कहना है कि यह सिलसिला 26 मार्च तक रुक-रुक कर चलता रहेगा, जिससे इन क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
मैदानी क्षेत्रों में ‘येलो अलर्ट’: 50-60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
पहाड़ों में बारिश के बीच मैदानी क्षेत्रों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है। देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और उधम सिंह नगर जैसे जनपदों में तेज हवाओं का प्रकोप देखने को मिल सकता है।
- हवा की गति: विभाग ने अनुमान जताया है कि इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं (Gusty Winds) चल सकती हैं।
- तापमान में गिरावट: तेज हवाओं और पहाड़ों में हो रही बर्फबारी के असर से मैदानी इलाकों के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को एक बार फिर गुलाबी ठंड का अहसास होगा।
पश्चिमी विक्षोभ का असर: पिछले दो दिनों जैसी बारिश की संभावना कम
मौसम निदेशक के अनुसार, हालांकि पिछले दो दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई है, लेकिन आने वाले पश्चिमी विक्षोभ का असर उतना व्यापक नहीं होगा। फिर भी, बारिश का सिलसिला निरंतर बना रहेगा। 21 मार्च से शुरू होने वाला यह विक्षोभ धीरे-धीरे पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में लेगा।
पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए एडवायजरी
मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए प्रशासन ने ऊँचाई वाले क्षेत्रों में जा रहे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
- बर्फबारी वाले क्षेत्रों में सावधानी: ट्रेकर्स और यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम के दौरान संवेदनशील रास्तों पर जाने से बचें।
- तेज हवाओं से बचाव: मैदानी क्षेत्रों में तेज हवाओं के दौरान पेड़ों या जर्जर इमारतों के नीचे शरण न लें।
