मसूरी: हाथीपांव के समीप वाहन दुर्घटना, SDRF ने बचाई दो जानें, एक अभी भी फंसा
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मसूरी: हाथीपांव के समीप वाहन दुर्घटना, SDRF ने बचाई दो जानें, एक अभी भी फंसा प
देहरादून | 20 मार्च 2026
उत्तराखंड के मसूरी क्षेत्र में आज एक भीषण सड़क हादसा घटित हुआ, जिसमें SDRF (राज्य आपदा प्रतिवादन बल) की टीम ने तत्परता दिखाते हुए दो युवाओं का सफल रेस्क्यू किया है। घटना हाथीपांव पैदल मार्ग के निकट की है, जहाँ एक अनियंत्रित वाहन गहरी खाई में जा गिरा।
घटना का विवरण और त्वरित कार्रवाई
आज दोपहर CCR देहरादून और आपदा कंट्रोल रूम से सूचना प्राप्त हुई कि मसूरी-हाथीपांव मार्ग पर एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर गहरी खाई में समा गया है। सूचना मिलते ही SDRF की टीम, जो सहस्त्रधारा पोस्ट पर तैनात थी, अपर उप निरीक्षक मनोज जोशी के नेतृत्व में तत्काल रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
पहाड़ी रास्तों की चुनौतियों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद, टीम ने बिना समय गवाए ऑपरेशन शुरू किया।
सफल रेस्क्यू और घायलों की स्थिति
घटनास्थल पर पहुँचने के बाद SDRF के जवानों ने रस्सी (Rope) के सहारे खाई में उतरकर राहत कार्य शुरू किया। टीम को वहां एक युवक और एक युवती घायल अवस्था में मिले। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
- घायलों की पहचान:
- भार्गव शर्मा (24 वर्ष): निवासी पंडितवाड़ी, देहरादून।
- दिशा रावल (24 वर्ष): निवासी प्रेमनगर, देहरादून।
दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार देने के उपरांत तत्काल अस्पताल भेजा गया है। गनीमत रही कि उन्हें केवल हल्की चोटें आई थीं, लेकिन मानसिक रूप से वे काफी सदमे में थे।
चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू: चट्टान के बीच फंसा तीसरा युवक
रेस्क्यू के दौरान टीम को सूचना मिली कि वाहन में कुल तीन लोग सवार थे। गहन सर्च ऑपरेशन चलाने पर पाया गया कि एक अन्य युवक वाहन और एक विशाल चट्टान के बीच बुरी तरह फंसा हुआ है।
वर्तमान में स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है क्योंकि:
- वाहन खाई में अत्यंत जोखिमपूर्ण स्थिति में अटका हुआ है।
- हल्की सी हलचल वाहन को और नीचे धकेल सकती है, जिससे फंसे हुए युवक की जान को खतरा हो सकता है।
- चट्टान और मलबे के कारण रेस्क्यू में बाधा आ रही है।
प्रशासन की तैयारी और वर्तमान स्थिति
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए SDRF ने जिला प्रशासन को सूचित किया, जिसके बाद अब भारी क्रेन और तकनीकी उपकरणों की व्यवस्था की जा रही है। SDRF के जवान अपनी जान जोखिम में डालकर मौके पर डटे हुए हैं और क्रेन के पहुँचते ही अंतिम रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया जाएगा।
”हमारी टीम का प्राथमिक उद्देश्य फंसे हुए युवक को सुरक्षित बाहर निकालना है। वाहन की स्थिति नाजुक है, इसलिए हम बेहद सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं।” — SDRF प्रवक्ता
यह घटना एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में वाहन चलाते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की याद दिलाती है। विशेषकर हाथीपांव जैसे संकरे मार्गों पर थोड़ी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
