राष्ट्रीय डेंटल कमीशन में प्रो. डॉ. हिमांशु ऐरन की नियुक्ति: भारतीय दंत चिकित्सा शिक्षा के नए युग का आगाज़
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राष्ट्रीय डेंटल कमीशन में प्रो. डॉ. हिमांशु ऐरन की नियुक्ति: भारतीय दंत चिकित्सा शिक्षा के नए युग का आगाज़
देहरादून/नई दिल्ली, 20 मार्च 2026: भारत के चिकित्सा और दंत चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत हुई है। केंद्र सरकार द्वारा नवगठित राष्ट्रीय डेंटल कमीशन (NDC) के ‘डेंटल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड’ में रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. हिमांशु ऐरन को पूर्णकालिक सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति न केवल डॉ. ऐरन के तीन दशकों के समर्पण का सम्मान है, बल्कि देश की दंत चिकित्सा प्रणाली को वैश्विक मानकों पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
“अंतिम व्यक्ति तक पहुँचेगी डेंटिस्ट्री” – डॉ. ऐरन का विज़न
इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभालने के बाद प्रेस से चर्चा करते हुए डॉ. हिमांशु ऐरन ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, “यह केवल एक पद नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का एक अवसर है। मेरा संकल्प है कि डेंटिस्ट्री को देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जाए। हम एक ऐसी पारदर्शी और गुणवत्ता-आधारित व्यवस्था का निर्माण करेंगे, जहाँ हर नागरिक को सस्ती और उच्च स्तरीय डेंटल केयर सुलभ हो सके।”
डॉ. ऐरन का मानना है कि नई व्यवस्था के तहत न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि शोध (Research) और नवाचार (Innovation) के माध्यम से भारत दंत चिकित्सा के क्षेत्र में ‘विश्व गुरु’ बनकर उभरेगा।
अनुभव और उत्कृष्टता का संगम
प्रो. डॉ. हिमांशु ऐरन की यह उपलब्धि उनके दीर्घकालिक शैक्षणिक और प्रशासनिक अनुभव का प्रतिफल है। वह पिछले 30 वर्षों से अधिक समय से चिकित्सा जगत में सक्रिय हैं। उनकी विशिष्टता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा शोध कार्यों के लिए सराहा जा चुका है।
डॉ. ऐरन को मिले प्रमुख सम्मान:
प्रोस्थोडोंटिक्स ऑफ द ईयर: 2013 और 2015
आउटस्टैंडिंग अकादमिशियन अवार्ड: 2014
हिमरत्न अवार्ड: उत्तराखंड के राज्यपाल द्वारा सम्मानित
प्रोजेक्ट आरोग्य: भारत के उपराष्ट्रपति द्वारा विशेष सम्मान
इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ डेंटिस्ट्स (ICD) अवार्ड्स: 2014 और 2015
राष्ट्रीय डेंटल कमीशन (NDC) और डॉ. ऐरन की भूमिका
राष्ट्रीय डेंटल कमीशन का गठन पुरानी व्यवस्था को बदलकर एक जवाबदेह, पारदर्शी और आधुनिक ढांचा तैयार करने के लिए किया गया है। डॉ. ऐरन ‘डेंटल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड’ में सदस्य के रूप में देश भर के डेंटल कॉलेजों के मानक तय करने, उनकी रेटिंग करने और शिक्षा की गुणवत्ता की निगरानी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. ऐरन जैसे दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता के बोर्ड में होने से संस्थानों के मूल्यांकन में निष्पक्षता आएगी और छात्रों को वैश्विक स्तर की शिक्षा मिल सकेगी।
निष्कर्ष: स्वास्थ्य व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव
डॉ. हिमांशु ऐरन की यह नियुक्ति उत्तराखंड और पूरे देश के चिकित्सा जगत के लिए गर्व का विषय है। उनके नेतृत्व में आने वाले समय में न केवल डेंटल कॉलेजों के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेहतर दंत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। यह नियुक्ति “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” की भावना को स्वास्थ्य क्षेत्र में चरितार्थ करने की दिशा में एक मजबूत कड़ी है।
