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UP Police Transfer: लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में बड़ा फेरबदल, योगी सरकार का ‘जीरो टॉलरेंस’ जारी; अलीगंज और इटौजा के इंस्पेक्टर लाइन हाजिर

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UP Police Transfer: लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में बड़ा फेरबदल, योगी सरकार का ‘जीरो टॉलरेंस’ जारी; अलीगंज और इटौजा के इंस्पेक्टर लाइन हाजिर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कानून व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में पुलिस कमिश्नरेट ने एक बड़ा कदम उठाया है। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर विभाग में कार्यकुशलता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दो थाना प्रभारियों पर गाज गिरी है, जबकि दो अनुभवी अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। योगी सरकार की प्राथमिकता ‘अपराध मुक्त प्रदेश’ को धरातल पर उतारने के लिए यह फेरबदल अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इन अधिकारियों पर गिरी गाज, इन्हें मिली कमान

​लखनऊ पुलिस द्वारा जारी हालिया आदेश के अनुसार, दो निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है, वहीं खाली हुए पदों पर नई नियुक्तियां की गई हैं:

  • अलीगंज थाना: प्रभारी निरीक्षक अशोक सोनकर को पद से हटाते हुए लाइन हाजिर किया गया है। उनके स्थान पर अब ध्रुव कुमार अलीगंज के नए प्रभारी निरीक्षक बनाए गए हैं।
  • इटौजा थाना: प्रभारी निरीक्षक मार्कण्डेय यादव को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है। इटौजा की कमान अब सोबरन सिंह को सौंपी गई है, जिन्हें नया प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया गया है।

​माना जा रहा है कि यह कार्रवाई कार्य में लापरवाही और कानून व्यवस्था की समीक्षा के बाद की गई है, जिससे विभाग के भीतर एक कड़ा संदेश गया है कि प्रदर्शन न करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

योगी मॉडल: 9 साल में बदली उत्तर प्रदेश की सूरत

​उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था आज देश के लिए एक नज़ीर बन चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले 9 वर्षों में पुलिसिंग के ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सरकार ने न केवल अपराधियों के मन में डर पैदा किया है, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव भी जगाया है।

कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने वाले प्रमुख कदम:

  1. UP-112 का सुदृढ़ीकरण: आपातकालीन सेवाओं को आधुनिक तकनीक से लैस कर रिस्पांस टाइम को न्यूनतम किया गया है।
  2. भ्रष्टाचार पर प्रहार: भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विजिलेंस की जांच और विभागीय ‘इंक्वायरी सेटअप’ के जरिए विभाग को स्वच्छ बनाया जा रहा है।
  3. आधुनिक ट्रेनिंग: पुलिस जवानों को नई तकनीक, फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने और आधुनिक हथियारों के संचालन की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है।
  4. टोल फ्री नंबर और पारदर्शिता: आम जनता की सहूलियत के लिए टोल फ्री नंबर जारी किए गए हैं, ताकि वे सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकें और पुलिस प्रशासन को बेहतर बनाने में सहयोग कर सकें।

देशभर में गूंज रहा है ‘योगी मॉडल’ का नाम

​आज उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था का हवाला दूसरे राज्यों में भी दिया जा रहा है। ‘योगी मॉडल’ की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई अन्य राज्य सरकारें भी इसे अपने यहाँ लागू करने पर विचार कर रही हैं। अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर का प्रहार और पुलिसिंग में पारदर्शिता ने यूपी को निवेश और सुरक्षा के लिहाज से एक आदर्श राज्य बना दिया है।

​लखनऊ में हुआ यह ताजा फेरबदल इसी कड़ी का हिस्सा है, जो यह स्पष्ट करता है कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता सूची में कानून व्यवस्था सबसे ऊपर है। सरकार किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

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