Big breaking portfolio उत्तराखंड कैबिनेट में विभागों का बड़ा फेरबदल: मंत्रियों की नई जिम्मेदारी तय
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उत्तराखंड कैबिनेट में विभागों का बड़ा फेरबदल:
मंत्रियों की नई जिम्मेदारी तय
देहरादून, 22 मार्च 2026
उत्तराखंड की राजनीति में आज एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। राज्यपाल की सहमति के बाद, ‘उत्तराखंड कार्य (बंटवारा) नियमावली, 2003’ के अधीन मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट मंत्रियों के विभागों की नई सूची जारी कर दी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासन व्यवस्था को गति देने के लिए महत्वपूर्ण विभागों का आवंटन किया है, जिसमें उन्होंने स्वयं कई अहम मंत्रालयों की कमान संभाली है।

मुख्यमंत्री के पास
अधिसूचना के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने पास कुल 18 महत्वपूर्ण विभाग रखे हैं। इसमें गृह, राजस्व, वित्त, सूचना और सतर्कता जैसे विभाग शामिल हैं। मुख्यमंत्री के पोर्टफोलियो की मुख्य सूची इस प्रकार है:
- गृह, कारागार एवं नागरिक सुरक्षा
- वित्त, वाणिज्य कर एवं स्टाम्प
- राजस्व एवं न्याय
- औद्योगिक विकास (खनन सहित)
- ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा
- नागरिक उड्डयन, श्रम, आबकारी एवं आवास
- कार्मिक, सचिवालय प्रशासन एवं नियोजन
कैबिनेट मंत्रियों को मिली नई जिम्मेदारियां

मुख्यमंत्री के अलावा अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों में भी स्पष्टता और विस्तार किया गया है। प्रमुख मंत्रियों के विभाग निम्नलिखित हैं:
- सतपाल महाराज: इन्हें लोक निर्माण विभाग (PWD), ग्रामीण निर्माण, संस्कृति, धर्मस्व, पर्यटन और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भारत-नेपाल उत्तराखंड नदी परियोजनाएं भी इन्हीं के अधीन होंगी।
- गणेश जोशी: इनके पास कृषि एवं कृषक कल्याण, सैनिक कल्याण, रेशम विकास और उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग रहेंगे।
- डॉ. धन सिंह रावत: शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में इनका दबदबा बरकरार है। इनके पास विद्यालयी शिक्षा (बेसिक व माध्यमिक), उच्च शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और सहकारिता विभाग हैं।
- सुबोध उनियाल: इन्हें वन, निर्वाचन, विधायी एवं संसदीय कार्य के साथ-साथ चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई है।
- रेखा आर्य: महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, खाद्य नागरिक आपूर्ति, खेल और युवा कल्याण विभाग की कमान संभालेंगी।

अन्य मंत्रियों का आवंटन
सूची में युवा और अनुभवी चेहरों को संतुलित करने का प्रयास किया गया है:
- सौरभ बहुगुणा: पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य पालन और गन्ना विकास।
- खजान दास: समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण और भाषा।
- भरत सिंह चौधरी: ग्राम्य विकास, MSME (लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम) और खादी एवं ग्रामोद्योग।
- मदन कौशिक: पंचायतीराज, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, आयुष शिक्षा और जनगणना।
- प्रदीप बत्रा: परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी (IT), विज्ञान प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी।
- राम सिंह कैड़ा: शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन और जलागम प्रबंधन।
प्रशासनिक दृष्टिकोण और प्रभाव
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन के हस्ताक्षरों से जारी इस अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो विभाग किसी कैबिनेट मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं, वे स्वतः मुख्यमंत्री के पास रहेंगे।
यह फेरबदल राज्य में विकास कार्यों को नई ऊर्जा देने और चुनावी वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के उद्देश्य से किया गया प्रतीत होता है। विशेष रूप से पर्यटन, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े विभागों में भारी निवेश और सुधार की उम्मीद है। मंत्रियों को अब अपने-अपने विभागों के लिए अगले वित्तीय वर्ष का रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
