योगी कैबिनेट की अहम बैठक आज: गेहूं खरीद नीति सहित दो दर्जन प्रस्तावों पर मुहर संभव ; मंत्रियों के साथ फीडबैक सत्र पर टिकी निगाहें
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योगी कैबिनेट की अहम बैठक आज: गेहूं खरीद नीति सहित दो दर्जन प्रस्तावों पर मुहर संभव ; मंत्रियों के साथ फीडबैक सत्र पर टिकी निगाहें
लखनऊ | विशेष रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लोक भवन में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में प्रदेश के विकास, प्रशासनिक सुधार और जनहित से जुड़े दो दर्जन से अधिक प्रस्तावों को हरी झंडी मिलने की संभावना है। विशेष रूप से किसानों के हित में ‘गेहूं क्रय नीति’ को लेकर सरकार बड़ा निर्णय ले सकती है।
प्रमुख एजेंडा: किसानों के लिए गेहूं क्रय नीति
कैबिनेट बैठक का सबसे मुख्य आकर्षण आगामी रबी सत्र के लिए गेहूं खरीद नीति का निर्धारण है। सूत्रों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर जूट और बोरों की कीमतों में हुई वृद्धि के कारण सरकार अतिरिक्त धनराशि के आवंटन पर विचार कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि अन्नदाताओं को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले और खरीद प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। इसके लिए बजट और लॉजिस्टिक्स से जुड़े प्रस्तावों को आज मंजूरी मिल सकती है।
औद्योगिक विकास और निवेश को नई रफ्तार
प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में औद्योगिक विकास विभाग के कई प्रस्ताव मेज पर होंगे:
- उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना: निजी क्षेत्रों को बिजनेस पार्क विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु नई नीति या संशोधन का प्रस्ताव आ सकता है।
- निवेश प्रोत्साहन: कई बड़े उद्योगों को निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत वित्तीय सहायता या सब्सिडी देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिल सकती है। इससे राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
इन विभागों के प्रस्तावों पर भी होगी चर्चा
कैबिनेट में केवल उद्योग ही नहीं, बल्कि जन सरोकार से जुड़े अन्य विभागों के प्रस्ताव भी पेश किए जाएंगे:
- आवास और लोक निर्माण (PWD): बुनियादी ढांचे और शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाओं को गति दी जाएगी।
- माध्यमिक शिक्षा: शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों के विस्तार पर चर्चा संभव है।
- नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति: ‘हर घर जल’ योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में पाइपलाइन विस्तार और जलापूर्ति के लंबित कार्यों को मंजूरी मिल सकती है।
मंत्रिमंडल की ‘फुल मीटिंग’: मुख्यमंत्री देंगे मंत्र
कैबिनेट की औपचारिक बैठक के तुरंत बाद, सुबह 11:30 बजे मुख्यमंत्री ने लोक भवन में ही अपने मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों की एक बड़ी बैठक बुलाई है। इस बैठक में कैबिनेट मंत्रियों के अलावा सभी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और राज्यमंत्री भी शामिल होंगे।
इस बैठक के खास मायने:
- ग्राउंड रिपोर्ट और फीडबैक: मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों से उनके प्रभार वाले क्षेत्रों और विभागों का सीधा फीडबैक लेंगे।
- 2027 की तैयारी: सरकार के 4 साल (और कुल 9 साल) पूरे होने के उपलक्ष्य में जनता के बीच सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से पहुँचाने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
- अनुशासन और कार्यशैली: मुख्यमंत्री मंत्रियों को उनके क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ाने और जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए कड़े दिशा-निर्देश भी दे सकते हैं।
आज की यह बैठक केवल नीतिगत निर्णयों के लिए ही नहीं, बल्कि सरकार की भावी राजनीतिक दिशा तय करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गेहूं खरीद से लेकर औद्योगिक पार्कों तक के फैसले सीधे तौर पर ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेंगे।
