Gas cylinder crisis Lucknow लखनऊ में रसोई का बदला मिजाज: सिलेंडर की किल्लत सेइंडक्शन की मांग बढ़ी 20 दिन में बिक गए 45,000 यूनिट
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लखनऊ में रसोई का बदला मिजाज: सिलेंडर की किल्लत सेइंडक्शन की मांग बढ़ी 20 दिन में बिक गए 45,000 यूनिट
लखनऊ | रिपोर्टर: संदीप कुमार
लखनऊ। नवाबों के शहर लखनऊ में इन दिनों रसोई का समीकरण पूरी तरह बदल गया है। गैस सिलेंडर की किल्लत और आपूर्ति में हो रही देरी ने आम जनता को पारंपरिक चूल्हे से दूर कर बिजली के उपकरणों की ओर मोड़ दिया है। शहर के इलेक्ट्रॉनिक बाजारों से जो आंकड़े निकलकर सामने आ रहे हैं, वे चौंकाने वाले हैं। पिछले मात्र 20 दिनों में लखनऊ में 45,000 से अधिक इंडक्शन चूल्हों की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई है।

सिलेंडर की किल्लत बनी वजह
राजधानी में पिछले कुछ समय से एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी में आ रही दिक्कतों ने उपभोक्ताओं को विकल्प तलाशने पर मजबूर कर दिया है। जहाँ आम दिनों में पूरे महीने में बमुश्किल 5,000 इंडक्शन बिकते थे, वहीं अब यह आंकड़ा कई गुना बढ़ गया है। बाजार विशेषज्ञों की मानें तो आम दिनों के मुकाबले इंडक्शन और अन्य किचन अप्लायंसेज की बिक्री में 12% का जबरदस्त इजाफा देखा गया है।
माइक्रोवेव और एयर फ्रायर की भी बढ़ी मांग
सिर्फ इंडक्शन ही नहीं, बल्कि लखनऊ के मध्यम और उच्च मध्यम वर्गीय परिवारों में कुकिंग के अन्य बिजली उपकरणों की डिमांड भी सातवें आसमान पर है। आंकड़ों के अनुसार:
- इंडक्शन: 20 दिन में 45,000 यूनिट।
- माइक्रोवेव ओवन: करीब 15,000 यूनिट की बिक्री।
- अन्य उपकरण: इलेक्ट्रिक केतली (Kettle) और एयर फ्रायर (Air Fryer) की मांग में भी 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
लोग अब गैस सिलेंडर पर अपनी निर्भरता कम कर रहे हैं। गृहिणियों का कहना है कि इंडक्शन न केवल समय बचाता है, बल्कि सिलेंडर खत्म होने के डर से भी आजादी देता है।
1000 से अधिक दुकानों पर उमड़ी भीड़
लखनऊ के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक मार्केट जैसे नाका हिंडोला, अमीनाबाद, हजरतगंज और गोमती नगर की छोटी-बड़ी 1000 से अधिक दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। दुकानदारों का कहना है कि स्टॉक खत्म होने की नौबत आ गई है। कई नामी कंपनियों के इंडक्शन मॉडल तो वेटिंग पर चल रहे हैं।
बाजार के जानकारों का कहना है कि इंडक्शन की इस ‘लहर’ ने गैस सिलेंडर के दबदबे को कड़ी टक्कर दी है। ग्राहकों का मानना है कि बिजली बिल में मामूली बढ़ोतरी के मुकाबले सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग और किल्लत से जूझना ज्यादा मुश्किल है।
स्मार्ट किचन की ओर बढ़ते कदम
इस बदलाव को केवल सिलेंडर की कमी से जोड़कर देखना अधूरा होगा। लखनऊ के लोग अब स्मार्ट किचन की ओर भी बढ़ रहे हैं। समय की कमी और आधुनिक जीवनशैली ने एयर फ्रायर और इलेक्ट्रिक केतली जैसे उपकरणों को अनिवार्य बना दिया है। सुबह की चाय से लेकर रात के खाने तक, बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल अब मजबूरी नहीं, बल्कि सुविधा बनता जा रहा है।
