ओडिशा और उत्तराखंड: संस्कृति, विकास और राष्ट्रीय एकता का साझा सेतु – राज्यपाल डॉ. कंभमपति
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ओडिशा और उत्तराखंड: संस्कृति, विकास और राष्ट्रीय एकता का साझा सेतु – राज्यपाल डॉ. कंभमपति
भुवनेश्वर/देहरादून | 24 मार्च 2026
ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति ने कहा है कि ओडिशा और उत्तराखंड के बीच धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन की अद्भुत समानताएँ हैं। देवभूमि के केदारनाथ और पुरुषोत्तम क्षेत्र के श्री जगन्नाथ मंदिर भारतीय आध्यात्मिक चेतना के वे स्तंभ हैं, जो उत्तर और पूर्व को एक सूत्र में पिरोते हैं।
यह विचार राज्यपाल ने भुवनेश्वर स्थित लोक भवन में उत्तराखंड से आए 13 सदस्यीय वरिष्ठ पत्रकार प्रतिनिधिमंडल के साथ शिष्टाचार भेंट के दौरान साझा किए। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), देहरादून द्वारा आयोजित इस अध्ययन प्रवास का नेतृत्व सहायक निदेशक श्री संजीव कुमार सुद्रियाल कर रहे हैं।
नक्सलवाद पर विजय और जनजातीय विकास की नई गाथा
संवाद के दौरान राज्यपाल ने ओडिशा के बदलते स्वरूप पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से वामपंथी उग्रवाद (LWE) पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया है।
- शिक्षा और स्वास्थ्य: राज्य के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में अब बुनियादी सुविधाओं की पहुँच सुनिश्चित हुई है।
- जीवन स्तर में सुधार: शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों ने आदिवासी समाज के जीवन स्तर को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है।

औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति
डॉ. कंभमपति ने ओडिशा को देश के उभरते हुए IT और शिक्षा हब के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा:
- खनिज संपदा: एल्यूमिनियम और अन्य खनिज आधारित उद्योगों में निवेश से राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिली है।
- कनेक्टिविटी: केंद्र सरकार की बजटीय सहायता से विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क, रेलवे कॉरिडोर और बंदरगाहों का विस्तार हो रहा है।
- भविष्य की तकनीक: राज्य अब सेमीकंडक्टर और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निवेश का प्रमुख केंद्र बन रहा है।
उत्तराखंड से व्यक्तिगत जुड़ाव और ‘अटल’ विजन की चर्चा
राज्यपाल ने वर्ष 2012-13 के अपने उत्तराखंड दौरे को याद करते हुए राज्य के विकास मॉडल की सराहना की। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा दिए गए औद्योगिक पैकेज का विशेष उल्लेख किया, जिससे रुद्रपुर जैसे क्षेत्रों में रोजगार की क्रांति आई थी।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि यह पर्यटन और व्यापार के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होंगे।
मीडिया से आह्वान: जिम्मेदारी और सकारात्मकता
राज्यपाल ने मीडिया को समाज का दर्पण बताते हुए पत्रकारों से आह्वान किया कि वे तथ्यात्मक, सकारात्मक और जिम्मेदार पत्रकारिता को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि अनुभवों का आदान-प्रदान और राज्यों के बीच ऐसा संवाद राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को और सशक्त करता है।
”ओडिशा अब पिछड़ेपन की पुरानी धारणाओं को तोड़कर विकास, समृद्धि और असीम अवसरों की एक नई कहानी लिख रहा है।”
— डॉ. हरि बाबू कंभमपति, राज्यपाल (ओडिशा)
