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मायावती का ‘MIssion 2027’: लखनऊ में BSP की बड़ी बैठक कल, सोशल इंजीनियरिंग और संगठन की मजबूती पर होगा मंथन

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मायावती का ‘MIssion 2027’: लखनऊ में BSP की बड़ी बैठक कल, सोशल इंजीनियरिंग और संगठन की मजबूती पर होगा मंथन

लखनऊ (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने कमर कस ली है। बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कल, 31 मार्च 2026 को लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में एक अति-महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई है। इस बैठक को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के ‘शंखनाद’ के रूप में देखा जा रहा है।

​जमीनी हकीकत और चुनावी तैयारियों की समीक्षा

​पार्टी द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, इस बैठक में उत्तर प्रदेश स्टेट कमेटी और सभी जिला कमेटियों के छोटे-बड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। बैठक का मुख्य एजेंडा निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित रहेगा:

  1. संगठन की मजबूती: बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन को फिर से जीवित करना।
  2. आर्थिक मजबूती: पार्टी के विस्तार के लिए संसाधनों और आर्थिक प्रबंधन पर चर्चा।
  3. जनाधार का विस्तार: सर्वसमाज को साथ जोड़कर पार्टी के वोट बैंक को बढ़ाना।
  4. टारगेट की समीक्षा: पिछले दिनों दिए गए सांगठनिक लक्ष्यों की प्रगति रिपोर्ट लेना।

​2027 की राह: बड़ी चुनौतियां और बसपा का सफर

 

​राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 2007 से 2012 तक पूर्ण बहुमत की सरकार चलाने वाली बसपा के लिए आने वाला समय अग्निपरीक्षा जैसा है। 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन लगातार गिरा है। 2022 में पार्टी महज एक सीट पर सिमट गई थी, जबकि हालिया लोकसभा चुनावों में भी प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा।

पार्टी के सामने प्रमुख चुनौतियां:

  • कमजोर संगठन: लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने के कारण जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का उत्साह कम हुआ है।
  • सोशल इंजीनियरिंग: 2007 वाली ‘सोशल इंजीनियरिंग’ (दलित-ब्राह्मण मेल) को नए कलेवर में पेश करने की चुनौती।
  • त्रिकोणीय मुकाबला: एक तरफ भाजपा का ‘विकास और कानून व्यवस्था’ का मॉडल है, तो दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी का ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूला। इन दोनों के बीच बसपा को अपनी अलग जगह बनानी होगी।

​क्या ‘पुराना फॉर्मूला’ फिर करेगा काम?

​समीक्षकों का मानना है कि मायावती इस बैठक में 2007 के शासनकाल की उपलब्धियों को जनता तक ले जाने का निर्देश दे सकती हैं। उस दौर के विकास कार्यों और बेहतर कानून व्यवस्था को बसपा अपना सबसे बड़ा हथियार मानती है। हालांकि, पार्क और स्मारकों के निर्माण जैसे पुराने मुद्दों से इतर, इस बार फोकस युवाओं और रोजगार पर रहने की उम्मीद है।

​बैठक का विवरण:

  • तारीख: 31 मार्च 2026 (मंगलवार)
  • समय: प्रातः 11:00 बजे से
  • स्थान: बी.एस.पी. यूपी स्टेट कार्यालय, 12 माल एवेन्यू, लखनऊ।
  • अध्यक्षता: सुश्री मायावती (राष्ट्रीय अध्यक्ष, बसपा)

​लखनऊ की यह बैठक तय करेगी कि आने वाले महीनों में बसपा की रणनीति क्या होगी। क्या मायावती फिर से सड़कों पर उतरकर कार्यकर्ताओं में जोश भरेंगी? या फिर डिजिटल और सोशल इंजीनियरिंग के माध्यम से नया समीकरण साधेगी? 2027 की जंग अब दिलचस्प मोड़ पर है।

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