ऑपरेशन प्रहार: देहरादून पुलिस की अराजक तत्वों और नियम तोड़ने वालों पर बड़ी स्ट्राइक
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ऑपरेशन प्रहार: देहरादून पुलिस की अराजक तत्वों और नियम तोड़ने वालों पर बड़ी स्ट्राइक
देहरादून, 02 अप्रैल 2026: मुख्यमंत्री उत्तराखंड के निर्देशों के अनुपालन में, प्रदेश भर में अपराधियों और शांति व्यवस्था भंग करने वालों के विरुद्ध “ऑपरेशन प्रहार” छेड़ा गया है। इसी क्रम में एसएसपी देहरादून, प्रमेंद्र सिंह डोबाल के नेतृत्व में दून पुलिस ने नगर से लेकर देहात तक एक व्यापक और सघन चेकिंग अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ “ताबड़तोड़” कार्यवाही की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन बनाए रखना, यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और शिक्षण संस्थानों की आड़ में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाना है।
सार्वजनिक स्थलों पर शराब और हुड़दंग के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’
ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने और हुड़दंग करने वालों पर विशेष शिकंजा कसा। थाना राजपुर और प्रेमनगर क्षेत्रों में खुलेआम शराब पीते पाए गए 70 व्यक्तियों को पुलिस की बस सेवा के जरिए सीधे थाने लाया गया। इन सभी के विरुद्ध पुलिस एक्ट के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न करने की सख्त चेतावनी दी गई।
यातायात उल्लंघन और सघन चेकिंग
सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने जनपद की सीमाओं और आंतरिक मार्गों पर बैरियर लगाकर सघन चेकिंग की। इस दौरान कार्यवाही के आँकड़े पुलिस की मुस्तैदी दर्शाते हैं:एम.वी. एक्ट: 143 वाहन चालकों का चालान कर 86,000/- रुपये का जुर्माना वसूला गया।न्यायालय चालान: 157 चालकों के विरुद्ध कोर्ट चालान की कार्यवाही की गई।वाहन सीज: गंभीर उल्लंघन पर 67 वाहनों को सीज किया गया।गिरफ्तारी: शराब पीकर वाहन चलाने वाले (Drink and Drive) 08 चालकों को गिरफ्तार किया गया।
सत्यापन अभियान और संदिग्धों पर नजर
सुरक्षा के मद्देनजर, पुलिस ने संदिग्ध रूप से घूम रहे व्यक्तियों से पूछताछ की और उनके सत्यापन की जांच की। इस दौरान 149 संदिग्ध व्यक्तियों के चालान कर 39,750/- रुपये संयोजन शुल्क वसूला गया। इसके अलावा, किरायेदारों और घरेलू नौकरों का सत्यापन न कराने वाले मालिकों पर भी गाज गिरी। 30 ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध 83 पुलिस एक्ट में चालान कर कुल 03 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया।
पीजी और हॉस्टल्स के लिए सख्त हिदायत
अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा छात्र-छात्राओं के पीजी और हॉस्टल्स की आकस्मिक चेकिंग रहा। पुलिस टीमों ने संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि:सभी निवासियों का शत-प्रतिशत सत्यापन अनिवार्य है।प्रतिष्ठान में सीसीटीवी कैमरे लगवाना और आगंतुकों का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा।छात्रों के प्रवेश की समयसीमा रात्रि 10 बजे निर्धारित की गई है।पढ़ाई की आड़ में हुड़दंग या नशीले पदार्थों का सेवन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसएसपी देहरादून ने चेतावनी दी है कि यदि कोई छात्र किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, तो न केवल उस पर बल्कि संबंधित पीजी/हॉस्टल संचालक के विरुद्ध भी कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। पुलिस का यह अभियान आने वाले दिनों में भी निरंतर जारी रहेगा ताकि शहर की शांति व्यवस्था अक्षुण्ण बनी रहे।
