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मुख्यमंत्री धामी और केदारनाथ रावल की भेंट: चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों का शंखनाद

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मुख्यमंत्री धामी और केदारनाथ रावल की भेंट: चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों का शंखनाद

​उत्तराखंड के मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून में श्री केदारनाथ धाम के रावल श्री श्री श्री 1008 भीमाशंकर लिंग से शिष्टाचार भेंट की। इस आध्यात्मिक मिलन के केंद्र में आगामी चारधाम यात्रा की सुगमता, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और केदारपुरी के नवनिर्माण का संकल्प रहा। रावल जी ने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद देते हुए प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की, वहीं मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे अभूतपूर्व प्रबंधों का खाका प्रस्तुत किया।

आध्यात्मिक मार्गदर्शन और पुनर्निर्माण की समीक्षा

​भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने केदारनाथ धाम में चल रहे द्वितीय चरण के पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति साझा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप केदारनाथ को एक भव्य और सुरक्षित तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल ढांचागत विकास नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के आध्यात्मिक अनुभव को सुगम बनाना भी है। रावल भीमाशंकर लिंग ने यात्रा व्यवस्थाओं और परंपराओं के निर्वहन को लेकर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।

श्रद्धालुओं का बढ़ता उत्साह और सरकारी तैयारी

​इस वर्ष चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। पंजीकरण के शुरुआती आंकड़ों से संकेत मिल रहे हैं कि इस बार पिछले वर्ष के सभी रिकॉर्ड टूट सकते हैं। विशेष रूप से केदारनाथ धाम के लिए श्रद्धालुओं की रुचि सबसे अधिक है। इस बढ़ती संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बहुआयामी रणनीति तैयार की है:​स्वास्थ्य सेवाएं: यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इस बार 350 से अधिक डॉक्टरों की तैनाती की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों को विशेष ट्रेनिंग दी है और उन्हें रोटेशन के आधार पर तैनात किया जाएगा ताकि दुर्गम क्षेत्रों में भी 24×7 चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहे।​सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन: पुलिस प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन के लिए विस्तृत ‘ब्लूप्रिंट’ तैयार किया है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल की तैनाती की जाएगी। साथ ही, आपदा प्रबंधन (SDRF) की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।​बुनियादी ढांचा और सुविधाएं: * सड़क: मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सड़कों की मरम्मत और सुरक्षा का काम 15 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाए।​बिजली: यूपीसीएल (UPCL) को चारों धामों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया है।खाद्य एवं आवास: खाद्य आपूर्ति विभाग और गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) देश-विदेश से आने वाले यात्रियों के ठहरने और भोजन की गुणवत्ता की लगातार समीक्षा कर रहे हैं।

एक सुव्यवस्थित यात्रा का संकल्प

​मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि ‘अतिथि देवो भव:’ की भावना के साथ यात्रा का संचालन किया जाए। चारधाम यात्रा उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और पहचान की रीढ़ है। यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब आने वाले किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो, इसके लिए विभाग समन्वय के साथ काम कर रहे हैं।मुख्यमंत्री और रावल भीमाशंकर लिंग की यह भेंट केवल एक शिष्टाचार मुलाकात नहीं, बल्कि आस्था और आधुनिक प्रबंधन के मेल का प्रतीक है। जहाँ एक ओर आध्यात्मिक ऊर्जा से प्रदेश के कल्याण की कामना की गई, वहीं दूसरी ओर धरातल पर सरकार ने सुरक्षा और सुविधाओं का ऐसा कवच तैयार किया है जो 2026 की चारधाम यात्रा को ऐतिहासिक और सुरक्षित बनाने का मार्ग प्रशस्त करता है।

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