प्रयागराज मां बेटे के अवैध संबंध के शक में, कलयुगी पिता ने बेटे को उतारा मौत के घाट
1 min read


प्रयागराज मां बेटे के अवैध संबंध के शक में, कलयुगी पिता ने बेटे को उतारा मौत के घाट
(वरिष्ठ संवाददाता) साउथ एशिया 24×7
प्रयागराज। संगम नगरी प्रयागराज का करैली इलाका उस वक्त दहल उठा, जब रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी वारदात सामने आई जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया। एक पिता, जिसे रक्षक माना जाता है, वही भक्षक बन बैठा। महज ‘अवैध संबंधों’ के गहरे शक ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया और एक 20 साल के युवक की जान उसके अपने ही पिता ने ले ली।
वारदात का सिलसिला: खौफनाक रात की दास्तां
प्रयागराज के करैली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक मोहल्ले में गिरीश चंद्र जायसवाल का परिवार रहता था। सब कुछ सामान्य दिख रहा था, लेकिन घर के भीतर शक की एक ऐसी आग सुलग रही थी जो किसी को नजर नहीं आ रही थी। 20 वर्षीय प्रांशु जायसवाल को क्या पता था कि जिस पिता की छांव में वह बड़ा हुआ, वही उसकी आखिरी रात की वजह बनेगा।
बीती रात, जब पूरा शहर सो रहा था, आरोपी पिता गिरीश चंद्र जायसवाल ने अपना आपा खो दिया। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, जब प्रांशु गहरी नींद में था, तब गिरीश ने किसी भारी और वजनदार वस्तु से उसके सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना घातक था कि प्रांशु को संभलने तक का मौका नहीं मिला और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
सुबह का सन्नाटा और चीख-पुकार
घटना का खुलासा तब हुआ जब अगली सुबह घर के अन्य सदस्य सोकर उठे। बिस्तर पर प्रांशु का लहुलुहान शव देख घर में कोहराम मच गया। शोर सुनकर पड़ोसी इकट्ठा हुए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुँची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। आरोपी पिता वारदात को अंजाम देकर घर से फरार हो चुका था, जिसने पुलिस के शक को यकीन में बदल दिया।
शक की सुई: क्यों हुआ ये नृशंस कत्ल?
तफ्तीश में यह बात सामने आई कि इस हत्याकांड के पीछे कोई बाहरी दुश्मन नहीं, बल्कि घर के भीतर का ‘मानसिक क्लेश’ था। आरोपी पिता गिरीश को अपनी ही पत्नी और बेटे प्रांशु के बीच अवैध संबंधों का शक था। परिजनों से पूछताछ में पता चला कि इस बात को लेकर घर में अक्सर विवाद और मारपीट होती थी। गिरीश इस ‘भ्रम’ की गिरफ्त में इतना आ चुका था कि उसने अपने ही खून को खत्म करने की साजिश रच डाली।
पुलिसिया कार्रवाई और अधिकारियों का बयान
घटना की सूचना मिलते ही एसीपी अतरसुईया निकिता श्रीवास्तव दल-बल के साथ मौके पर पहुँचीं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
एसीपी निकिता श्रीवास्तव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया:”परिजनों से शुरुआती पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट है कि पिता गिरीश चंद्र जायसवाल ने ही अपने बेटे की हत्या की है। हत्या की वजह पारिवारिक क्लेश और अवैध संबंधों का शक बताई जा रही है। परिजनों की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ आईपीसी की सुसंगत धाराओं (एफआईआर) में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में दबिश दे रही हैं, उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि सामाजिक ढांचे में आ रही गिरावट और मानसिक विकृति का परिणाम है। मामूली शक और संवाद की कमी ने एक पिता को ‘कलयुगी हत्यारा’ बना दिया। फिलहाल करैली इलाके में तनाव और सन्नाटा है, और हर कोई इस खौफनाक वारदात की चर्चा कर
