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आपदा प्रबंधन में मिसाल बना उत्तराखंड: हिमाचल कैबिनेट उप-समिति ने SDRF मुख्यालय का किया दौरा, कार्यप्रणाली को सराहा

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आपदा प्रबंधन में मिसाल बना उत्तराखंड: हिमाचल कैबिनेट उप-समिति ने SDRF मुख्यालय का किया दौरा, कार्यप्रणाली को सराहा

जॉली ग्रांट (देहरादून) | 30 अप्रैल, 2026

​हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड, दोनों ही राज्य अपनी भौगोलिक चुनौतियों और दैवीय आपदाओं की संवेदनशीलता के कारण एक जैसे खतरे साझा करते हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में, आपदा प्रबंधन की बारीकियों और बेहतर समन्वय को समझने के लिए हिमाचल प्रदेश की कैबिनेट उप-समिति ने उत्तराखंड के आधिकारिक दौरे के तहत एसडीआरएफ (SDRF) परिसर, जॉली ग्रांट का विस्तृत भ्रमण किया। हिमाचल के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आए इस उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य उत्तराखंड SDRF की कार्यप्रणाली को समझना और भविष्य के लिए एक साझा रणनीति पर चर्चा करना था।

SDRF की सांगठनिक शक्ति का प्रदर्शन

​प्रतिनिधिमंडल के आगमन पर सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी ने उनका स्वागत किया। उन्होंने एक विस्तृत प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल को SDRF की संरचना, उसकी संगठनात्मक कार्यप्रणाली और राज्य की विषम परिस्थितियों में बल द्वारा किए जाने वाले समन्वित प्रयासों से अवगत कराया। श्री यदुवंशी ने विशेष रूप से चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और दुर्गम पहाड़ियों में संचालित होने वाले जटिल रेस्क्यू ऑपरेशनों के अनुभवों को साझा किया।

तकनीक और रिस्पॉन्स टाइम पर विशेष चर्चा

​भ्रमण के दौरान चर्चा का मुख्य केंद्र ‘रिस्पॉन्स टाइम मैनेजमेंट’ रहा। सेनानायक ने बताया कि कैसे आधुनिक तकनीक और त्वरित रिस्पॉन्स प्रणाली के माध्यम से SDRF आपदा की सूचना मिलते ही कम से कम समय में घटनास्थल पर पहुँचकर जीवन रक्षा सुनिश्चित करती है। चूंकि हिमाचल और उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियाँ लगभग समान हैं, इसलिए दोनों पक्षों ने आधुनिक बचाव उपकरणों के उपयोग और पर्वतीय क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए ‘रेस्क्यू मॉड्यूल्स’ पर गहन मंथन किया।

अत्याधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षण का अवलोकन

​प्रतिनिधिमंडल ने SDRF द्वारा उपयोग किए जा रहे अत्याधुनिक रेस्क्यू उपकरणों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। सैटेलाइट फोन, थर्मल इमेजिंग कैमरे, ड्रोन और अत्याधुनिक कटर जैसे उपकरणों की उपयोगिता को देखकर सदस्य प्रभावित हुए। इसके बाद टीम ने प्रशिक्षण शाखा का दौरा किया, जहाँ आपदा प्रबंधन से संबंधित विभिन्न विषयों पर दिए जा रहे प्रशिक्षण और प्रशिक्षकों की विशेषज्ञता को करीब से देखा गया।

हिमाचल सरकार ने दी ‘उत्तराखंड मॉडल’ को सराहना

​हिमाचल प्रदेश के मंत्री श्री जगत सिंह नेगी और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने उत्तराखंड SDRF की दक्षता की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा:

“पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में SDRF उत्तराखंड की कार्यक्षमता, उनकी तकनीकी दक्षता और उपलब्ध संसाधनों का जिस तरह से पेशेवर उपयोग किया जा रहा है, वह अत्यंत सराहनीय है। यह मॉडल न केवल हिमाचल, बल्कि अन्य हिमालयी राज्यों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण है।”

 

भविष्य के लिए रणनीतिक कदम

​इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान उपसेनानायक श्री शुभांक रतूड़ी, श्री शांतनु पाराशर, और प्रभारी निरीक्षक (प्रशिक्षण) श्री प्रमोद रावत सहित वाहिनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

​यह भ्रमण केवल एक औपचारिक दौरा नहीं था, बल्कि दो पड़ोसी राज्यों के बीच आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में अनुभवों के आदान-प्रदान और रणनीतिक सहयोग की एक नई नींव है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में यह समन्वय हिमालयी क्षेत्रों में आपदा के समय होने वाली जन-धन की हानि को कम करने में एक ‘गेम चेंजर’ साबित होगा।

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