चेन्नई में दर्दनाक सड़क हादसा: गाजीपुर के बहादुरगंज निवासी मौलवी अफजल हसन की मौत, कस्बे में पसरा सन्नाटा
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चेन्नई में दर्दनाक सड़क हादसा: गाजीपुर के बहादुरगंज निवासी मौलवी अफजल हसन की मौत, कस्बे में पसरा सन्नाटा
बहादुरगंज (गाजीपुर)।
रोजी-रोटी की तलाश और बच्चों के बेहतर भविष्य का सपना लेकर सुदूर दक्षिण भारत गए गाजीपुर के एक और लाल की सड़क हादसे में असमय मौत हो गई। स्थानीय कस्बा बहादुरगंज के वार्ड संख्या-2, मोहल्ला दक्खिन निवासी मौलवी अफजल हसन की चेन्नई में हुए एक भीषण सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। जैसे ही यह हृदयविदारक खबर उनके पैतृक निवास बहादुरगंज पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया। देखते ही देखते मृतक के घर पर सांत्वना देने वालों की भारी भीड़ जमा हो गई और पूरे कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई।
ड्यूटी से लौटते समय हुआ हादसा
प्राप्त विवरण के अनुसार, मौलवी अफजल हसन (40 वर्ष) पुत्र मंजूर हसन, अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए ईद के त्योहार के फौरन बाद चेन्नई (तमिलनाडु) गए थे। वह वहां एक निजी प्रतिष्ठान (कंपनी) में कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि मंगलवार की देर रात वह अपनी ड्यूटी समाप्त करने के बाद पैदल ही अपने कमरे पर लौट रहे थे।
इसी दौरान सड़क पार करते समय एक अज्ञात तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण और घातक थी कि मौलवी अफजल हसन गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चोटें इतनी गंभीर थीं कि उन्होंने घटनास्थल पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।
मैनेजर के फोन से मिली तबाही की खबर
दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों और संबंधित कंपनी के कर्मचारियों ने स्थानीय पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। इसके बाद कंपनी के मैनेजर ने मृतक के पास मौजूद दस्तावेजों और संपर्कों के आधार पर उनके भांजे अब्दुल अलीम (निवासी इंदारा) को फोन के माध्यम से इस वीभत्स घटना की जानकारी दी।
अब्दुल अलीम ने तत्काल इसकी सूचना बहादुरगंज में रह रहे परिजनों को दी। मध्य रात्रि के बाद जैसे ही यह खबर घर पहुंची, चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे मोहल्ले की आंखें नम हैं।
परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य थे अफजल
मौलवी अफजल हसन अपने पीछे एक भरा-पूरा लेकिन अब बेसहारा हो चुका परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार में वृद्ध माता सैमुन्नेसा, भाई गुड्डू और तीन मासूम बच्चे शामिल हैं। बच्चों में दो पुत्रियां और एक पुत्र है, जिनकी उम्र अभी बेहद कम है।
दुखों का पहाड़: स्थानीय नागरिकों ने बताया कि अफजल ही अपने परिवार के मुख्य भरण-पोषणकर्ता थे। उनकी इस असामयिक मृत्यु से न केवल बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है, बल्कि पूरे परिवार के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। वृद्ध मां और मासूम बच्चों का रोना देखकर वहां मौजूद हर शख्स की छाती फट रही थी।
कस्बे में शोक और संवेदनाओं का तांता
घटना की खबर बुधवार सुबह जैसे-जैसे बहादुरगंज कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में फैली, लोग स्तब्ध रह गए। बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, शुभचिंतक और आम नागरिक पीड़ित परिवार को ढाढस बंधाने उनके घर पहुंचे। कस्बे के गणमान्य लोगों ने इस दुख की घड़ी में परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। सभी ने ईश्वर/अल्लाह से दिवंगत आत्मा की मगफिरत (मोक्ष/क्षमा) की दुआ की और शोकाकुल परिवार को इस असहनीय और अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
पैतृक आवास पर लाया जाएगा शव
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, चेन्नई में स्थानीय पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक कानूनी व कागजी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। कंपनी प्रबंधन और रिश्तेदारों के सहयोग से मौलवी अफजल हसन के पार्थिव शरीर को हवाई मार्ग या एम्बुलेंस के जरिए उनके पैतृक निवास बहादुरगंज लाने का प्रयास किया जा रहा है। शव के गृह जनपद पहुंचते ही स्थानीय कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक (अंतिम संस्कार) किया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर रोजगार के लिए परदेस जाने वाले मजदूरों और कामगारों की सुरक्षा पर गहरा दर्द छोड़ दिया है।
