देहरादून में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की धूम: हजारों साधकों ने लिया निरोगी रहने का संकल्प
1 min read



देहरादून में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की धूम: हजारों साधकों ने लिया निरोगी रहने का संकल्प
देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर आज राजधानी देहरादून में एक विशाल योग कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं, स्थानीय नागरिकों और योग साधकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। शिविर के दौरान योग प्रशिक्षकों द्वारा उपस्थित जनसमूह को तरह-तरह के योगासन और प्राणायाम कराए गए। साधकों को अलग-अलग आसनों की बारीकियां सिखाते हुए यह बताया गया कि कैसे वे योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर पूरी तरह से निरोगी और स्वस्थ रह सकते हैं। दोपहर तक चले इस कार्यक्रम में चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा का माहौल देखने को मिला।
इस विशेष मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि योग करने से मनुष्य अपने जीवन में हमेशा आरोग्य रह सकता है और गंभीर से गंभीर बीमारियों से खुद को दूर रख सकता है। उन्होंने सभी से प्रतिदिन योग करने की अपील की। वहीं, आयुष विभाग के ड्रग कंट्रोलर मिथिलेश कुमार ने योग के महत्व को रेखांकित करते हुए गीता के प्रसिद्ध श्लोक का संदर्भ दिया और कहा कि “योगः कर्मसु कौशलम्” यानी कर्मों में कुशलता ही योग है। उन्होंने कहा कि योग सिर्फ एक शारीरिक पद्धति नहीं है, बल्कि यह विचारों में शुद्धता लाने और शरीर को नई ऊर्जा से भरने का अचूक माध्यम है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर ग्लोबल क्लाइमेट समिति के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश कुमार ने पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के अंतर्संबंधों पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम में अपने विचार साझा करते हुए उन्होंने कहा कि आज के दौर में यदि इंसान को पूरी तरह स्वस्थ रहना है, तो उसे ‘इको-फ्रेंडली लाइफ’ (पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली) को अपनाना होगा। इसके साथ ही, शरीर और मन के संतुलन के लिए नियमित योग करना बेहद जरूरी है।
राजेश कुमार ने कहा कि प्रकृति के करीब रहकर और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना जी जाने वाली जीवनशैली हमें कई तरह की शारीरिक और मानसिक बीमारियों से बचाती है। उन्होंने आगे कहा:”योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन को हमेशा निरोगी रखने वाली एक संपूर्ण विद्या है। जब हम प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर दैनिक जीवन में योग और प्राणायाम को शामिल करते हैं, तो हमारा शरीर स्वतः ही ऊर्जावान और रोगमुक्त होने लगता है।”
समिति के अध्यक्ष ने युवाओं और स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ धरती को भी स्वच्छ और हरा-भरा रखने का संकल्प लें। इस मौके पर उनके साथ संस्था के कई वॉलिंटियर्स ने भी योग किया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ इस कार्यक्रम में पर्यावरण और सामाजिक चेतना का भी अनूठा संगम देखने को मिला। आयोजन में ग्लोबल क्लाइमेट समिति के पदाधिकारियों और तमाम वॉलिंटियर्स ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान सभी योग साधकों ने रोजाना योग करने के साथ-साथ प्रकृति के संरक्षण का भी दृढ़ संकल्प लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में राजेश कुमार, सीमा, संदीप कुमार, कामिनी, यशराज, विजय यादव सहित कई गणमान्य व्यक्तियों और स्वयंसेवकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
